
License Suspended: दो विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित(photo-patrika)
License Suspended: छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन 2026 को देखते हुए किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। रायपुर सहित सभी जिलों में खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। इसी कड़ी में कबीरधाम जिले में उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान अनियमितता मिलने पर कार्रवाई करते हुए दो केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि 40 कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कबीरधाम जिले में खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। अधिकारियों के अनुसार सहकारी क्षेत्र में 57,200 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण लक्ष्य के मुकाबले सेवा सहकारी समितियों में 32,700 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। वहीं डबल लॉक केंद्रों में 5,668 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया गया है।
किसानों को समितियों के माध्यम से अब तक 21,151 मीट्रिक टन उर्वरक वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा निजी क्षेत्र में 10,457 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया गया है, जिसमें से 7,639 मीट्रिक टन उर्वरक किसानों को उपलब्ध कराया जा चुका है।
खाद की कालाबाजारी, अधिक कीमत पर बिक्री और अन्य अनियमितताओं को रोकने के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों, उर्वरक निरीक्षकों और उड़नदस्ता टीम ने जिले के 170 उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दो विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। वहीं 40 कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
प्रशासन ने सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित मूल्य और नियमों के अनुसार खाद वितरण करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसानों से अधिक कीमत वसूलने या वितरण में किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हाल ही में कलेक्टर की मौजूदगी में बोड़ला विकासखंड के तीन निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण भी किया गया। इस दौरान किसानों से खाद वितरण व्यवस्था और नैनो उर्वरकों के उपयोग को लेकर जानकारी ली गई। निरीक्षण में अधिक मूल्य पर बिक्री की कोई शिकायत नहीं मिली।
कृषि विभाग किसानों को डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, टीएसपी और एसएसपी जैसे उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक कर रहा है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अनुशंसाओं के आधार पर इन वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। विभाग ने कहा है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
Published on:
30 Jun 2026 06:30 pm
