
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल का बड़ा आरोप ( Photo - patrika )
Chhattisgarh Political News: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बयान सामने आया है। बघेल ने केंद्र सरकार और RSS पर हमला बोलते हुए कहा कि राम मंदिर के नाम पर हुई लूट का हिसाब-किताब कहीं RSS दफ़्तर में तो नहीं रखा गया? इस मामले में एक ओर जहां पुलिस ने जांच तेज कर दी है वहीं दूसरी ओर सियासी बयानबाजी में भी तेज हो गई है।
भूपेश बघेल ने कहा ये दो नंबर का पैसा है। कहां जाएगा। अगर एक नंबर का रहता है तो सभी को पता चल जाता। ये लोग अपने गुरुओं को गुरू दक्षिणा दे रहे थे। बघेल ने मोहन भागवान को लेकर कहा कि RSS का गुरु कौन है 'ध्वज', हिंदू धर्म में मोहन भागवत बता दें कि कोई भी पंत हो उसका गुरु ध्वज है क्या, गुरुनानक देव, कबीरदास जी, गुरुघासी दास जी, गुरु है। लेकिन आरएसएस में ध्वज गुरु होता है।
बघेल ने आगे कहा कि राम मंदिर के नाम पर लूट मची है। क्योंकि न तो कोई पारदर्शिता थी और न ही कोई हिसाब-किताब, फिर भी ₹150–200 करोड़ की लागत वाली इमारतें बना दी गईं। बता दें कि हाल ही में रायपुर पहुंचे कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में तीखा हमला बोला।
पवन खेड़ा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सीएम योगी से आदर के साथ यह पूछना चाहते हैं, क्या मोहन भागवत के घर पर बुलडोजर चलवाएंगे? क्या पीएमओ पर बुलडोजर चलाओंगे? यह सीधे-सीधे जिम्मेदारी प्रधानमंत्री कार्यालय और आरएसएस की है। ये अयोध्या में जो घपला हुआ है, इसको कौन बचा रहा है? आज हिंदू इस देश का समझता है। जो मर्यादा पुरुषोत्तम सिद्धांत पर अड़ गए और चौदह साल तक का वनवास झेला, उस मर्यादा पुरुषोत्तम के नाम पर जो लूट मच रही है, हिंदू माफ नहीं करेगा।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चर्चित चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज हो गई है। (Ram Mandir donation Scam) पुलिस ने राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से करीब तीन घंटे तक पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया। अधिकारियों ने उनसे प्रशासनिक फैसलों, चढ़ावा प्रबंधन व्यवस्था, कर्मचारियों की जवाबदेही और शिकायतों के निस्तारण से जुड़े कई सवाल पूछे।
सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय के बयान का मिलान अन्य गवाहों के बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों से किया जाएगा। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कुछ सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिल सके, ऐसे में जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा भी बुलाया जा सकता है।
Updated on:
30 Jun 2026 04:04 pm
Published on:
30 Jun 2026 02:34 pm
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