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BSP Scrap Theft: 250 टन स्क्रैप चोरी के बाद BSP का बड़ा एक्शन, दोषी ठेकेदारों पर स्थायी प्रतिबंध की तैयारी

Bhilai Steel Plant News: भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में 250 टन लौह स्क्रैप चोरी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच के दौरान सुपरवाइजरों ने चोरी में भूमिका स्वीकार की है।
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BSP Scrap Theft

दोषी एजेंसियों पर आजीवन रोक की तैयारी (photo source- Patrika)

BSP Scrap Theft: भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में 250 टन लौह स्क्रैप चोरी के सनसनीखेज मामले के बाद प्रबंधन ने पहली बार ठेका एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस जांच में चोरी के खुलासे के बाद एसएमएस-3, ब्लास्ट फर्नेस-8 और मगडम से जुड़े ठेका कार्यों की समीक्षा शुरू कर दी गई है। जिन एजेंसियों के कर्मचारियों की भूमिका सामने आई है, उन्हें प्लांट से स्थायी रूप से प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस मामले ने बीएसपी की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

BSP Latest News: एक ही मालिक, कई फर्मों के नाम पर कारोबार

यूनियन नेताओं का दावा है कि प्लांट में कई ठेका फर्में ऐसी हैं, जिनका वास्तविक संचालन एक ही समूह करता है। कार्रवाई होने पर ये लोग परिवार या रिश्तेदारों के नाम से पंजीकृत दूसरी फर्म के जरिए दोबारा काम हासिल कर लेते हैं। ऐसे में केवल एक फर्म पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि उससे जुड़ी सभी संबद्ध (सिस्टर) कंपनियों की भी जांच जरूरी है।

सुपरवाइजरों ने स्वीकार की संलिप्तता

पुलिस पूछताछ में चुंबकीय क्रेन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी साईं एसोसिएट के सुपरवाइजर घनश्याम गुप्ता और हिमांशु ब्रदर्स के सुपरवाइजर निर्मल सिंह ने चोरी में संलिप्तता स्वीकार करते हुए बयान दर्ज कराए हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों ने बीएसपी अधिकारियों और सीआईएसएफ के समक्ष भी घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद संबंधित एजेंसियों को भविष्य में किसी भी प्रकार का ठेका नहीं देने की तैयारी की जा रही है।

पहले भी 28 महीने तक बैन थी एजेंसी

बीएसपी यूनियन के मुताबिक साईं एसोसिएट के खिलाफ पहले विजिलेंस जांच हो चुकी है। दस्तावेजों में अनियमितता मिलने पर एजेंसी को 28 महीने के लिए प्रतिबंधित किया गया था, लेकिन बाद में उसे दोबारा काम मिल गया। अब स्क्रैप चोरी प्रकरण में नाम सामने आने के बाद एजेंसी पर स्थायी प्रतिबंध लगाने की तैयारी है।

BSP Security: मुख्य आरोपी अब भी फरार

भिलाई-3 पुलिस ने हिमांशु ब्रदर्स के संचालक हिमांशु खंडेलवाल और आरडीके इंडस्ट्री से जुड़े गिरीश खंडेलवाल को आरोपी बनाया है। दोनों पर 250 टन लौह स्क्रैप चोरी की साजिश में शामिल होने का आरोप है। इनके अलावा ट्रांसपोर्टर अभय सिंह और गोदाम संचालक मोहम्मद सलीम भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

पहले ही दी गई थी सख्ती की चेतावनी

करीब एक माह पहले एसएसपी विजय अग्रवाल ने बीएसपी प्रबंधन और ठेकेदारों की बैठक लेकर प्लांट में कार्यरत सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य करने के निर्देश दिए थे। अभियान के दौरान 144 संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें प्लांट से बाहर किया गया था। साथ ही स्पष्ट किया गया था कि आपराधिक रिकॉर्ड वाले किसी भी व्यक्ति को गेट पास जारी नहीं किया जाएगा। अब स्क्रैप चोरी के खुलासे के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने की तैयारी की जा रही है।