
BSP स्क्रैप चोरी केस में बड़ा खुलासा (photo source- Patrika)
Sanjay Singh Arrested: भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से करीब 250 टन स्क्रैप लोहा चोरी के बहुचर्चित मामले में दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे इस मामले के मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे हिरासत में लेकर दुर्ग लाया जा रहा है, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से चोरी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।
जानकारी के अनुसार, भिलाई स्टील प्लांट से बड़े पैमाने पर स्क्रैप लोहे की चोरी का मामला सामने आने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। जांच के दौरान संजय सिंह का नाम इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया था।
काफी समय से फरार चल रहे संजय सिंह और उसके बेटे अभय सिंह पर 10-10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। लगातार दबिश और तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस को आखिरकार संजय सिंह तक पहुंचने में सफलता मिल गई।
यह मामला छावनी सर्किल के भिलाई-3 थाना क्षेत्र का है, जहां भिलाई स्टील प्लांट से बड़ी मात्रा में स्क्रैप लोहा गायब होने की शिकायत दर्ज की गई थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि करीब 250 टन स्क्रैप लोहे की चोरी की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस के साथ-साथ क्राइम ब्रांच की टीम भी जांच में जुटी हुई थी। जांच के दौरान कई दस्तावेज, परिवहन रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
संजय सिंह की गिरफ्तारी को लेकर जहां छावनी CSP प्रशांत पैकरा ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया, वहीं दुर्ग रेंज के DIG-SSP विजय अग्रवाल और क्राइम DSP यदुमणि सिदार ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी और उसके बयान के आधार पर पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, संजय सिंह के बेटे अभय सिंह की भी इस मामले में अहम भूमिका बताई जा रही है। दोनों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। जहां संजय सिंह पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है, वहीं अभय सिंह अब भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह चोरी किसी एक व्यक्ति का काम नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। आरोप है कि प्लांट से स्क्रैप लोहा निकालने, परिवहन करने और उसे बाजार में खपाने के लिए एक सुनियोजित तंत्र काम कर रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी किए गए स्क्रैप को कहां-कहां भेजा गया, किन लोगों ने इसमें सहयोग किया और इस पूरे नेटवर्क से कितने लोग जुड़े हुए थे।
संजय सिंह की गिरफ्तारी को इस मामले में बड़ी सफलता माना जा रहा है। जांच अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। इससे चोरी के पूरे रैकेट, आर्थिक लेन-देन और अन्य संदिग्धों की भूमिका का खुलासा होने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जल्द ही इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चोरी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
250 टन स्क्रैप लोहा चोरी का मामला पहले से ही भिलाई और दुर्ग क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ था। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद लोगों की नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी कई नाम सामने आ सकते हैं, जिससे इस पूरे चोरी कांड की परतें खुलेंगी।
Updated on:
16 Jun 2026 04:54 pm
Published on:
16 Jun 2026 04:34 pm
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