भिलाई

मां की ममता इतनी निष्ठुर कैसे हो गई, एक ने मासूम को ट्रेन में छोड़ा तो दूसरे ने नाले में फेंका

एक मां मासूम बेटी को ट्रेन में एक महिला को देकर गायब हो गई। वहीं दूसरी मां ने दूधमुहें मृत बेटे के शव को नाले में फेंक दिया।

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Jun 08, 2018
मां की ममता इतनी निष्ठुर कैसे हो गई, एक ने मासूम को ट्रेन में छोड़ा तो दूसरे ने नाले में फेंका

दुर्ग@पत्रिका. एक तरफ बेटी बचाओ के नारे लगाए जा रहे हैं तो दूसरी तरफ अपने ही कोखजाई बेटी कोकूड़े करकट में फेंकने की रोंगेटे खड़े करने वाली घटनाएं सामने आ रही है। गुरुवार को दो ऐसी घटना सामने आई जो मनवता के शर्मसार करता है। एक मां मासूम बेटी को ट्रेन में एक महिला को देकर गायब हो गई। वहीं दूसरी मां ने दूधमुहें मृत बेटे के शव को नाले में फेंक दिया।

बेटी को पकड़ाकर गायब
सतीबाई (२२वर्ष) ने बताया कि मंगलवार को पुणे-हटिया एक्सप्रेस के जनरल बोगी में दुर्ग आने के लिए सवार हुए थे। बुधवार की रात लगभग २ बजे नागपुर स्टेशन में ट्रेन रवाना होते ही महिला ने बच्ची को यह कहते हुए पकडऩे के लिए कहा कि वह ट्रेन में चढ़ेगी। मैंने बच्ची को पकड़ लिया पर वह महिला ट्रेन में नहीं चढ़ी। मेरे पति ने उसे आवाज भी दी। उसने अनसुनी कर दी।

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भीड़ और गर्मी के कारण रास्ते में बिगड़ी तबीयत
मासूम को गोद में लेकर दुर्ग लाने वाली सतीबाई ने बाताया कि जनरल बोगी में बहुत भीड़ थी। गर्मी की वजह से लोग परेशान थे। रास्ते में ही गर्मी व उमस की वजह से मासूम की तबियत बिगड़ गई। दुर्ग स्टेशन पहुंचते तक मासूम छिंकने लगा था और उसे तेज बुखार आ गया था। मासूम करीब १० दिन का है।

शव को काले रंग के कपड़े में लपेटकर नाले में फेंक दिया

पे्रम विवाह के बाद घर से अलग रह रहे खम्हरियाभाठा निवासी टिकेश्वरी निषाद (१९) और इन्द्र सेन (२२) ने मृत मासूम बेटे को कुटेलाभाठा स्थित नाला में १ जून को फेंका था। 20 मई की रात को प्रसव हुआ था बच्चा कमजोर था। बच्चे ने एक जून को दम तोड़ दिया। दंपती ने शव का अंतिम संस्कार न कर शव को काले रंग के कपड़े में लपेटकर नाले में फेंक दिया था।

प्रसव 20-21 मई की दरम्यानी रात को

दंपती से पूछताछ के बाद जेवरा पुलिस ने शव को नाले से बरामद किया। शव खराब हो चुका था। पुलिस शव को लेकर मॉरच्यूरी पहुंची। चिकित्सकों ने शव डिकंपोज होने की बात कहते पोस्टमार्टम के लिए मेकाहारा रेफर कर दिया। पुलिस के मुताबिक टिकेश्वरी निषाद का प्रसव २०-२१ मई की दरम्यानी रात को हुआ था। प्रसव सात माह में होने के कारण नवजात कमजोर था। मासूम ने १जून की सुबह दम तोड़ दिया। इसके बाद टिकेश्वरी व इन्द्रसेन ने नवजात का अंतिम संस्कार करने के बजाय उसे नाले में फेंक दिया। सिकोला भाठा के नाला में डाल कर चली गई। घटना के दस दिन बाद गुरुवार को मासूम का शव नाला से निकालकर पीएम के लिए मेडिकल कॉलेज रायुपर भेजा गया।

पति पर लगाया आरोप
दोनों सुपेला क्षेत्र में किराए का मकान लेकर रह रहे थे। नवजात की मौत के बाद टिकेश्वरी घबराने लगी थी। वह बुधवार को वापस अपने घर आ गई और बताया कि उसका बेटा हुआ है, लेकिन इन्द्रसेन उसे ले जाने से मना कर रहा है। युवती के परिवार वालों इसे गंभीरता से लिया और सीधे जेवरा चौकी पहुंचे। बार-बार बदलते बयान पर पुलिस ने जब सख्ती बरती तो दोनों ने सच्चाई उगल दी।

युवती ने पहले सुनाई मनगढ़ंत कहानी
इन्द्रसेन और टिकेश्वरी ने घर से भाग कर शादी करने का निर्णय लिया। इधर युवती के परिजन ने जेवरा चौकी में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। युवती के घर लौटते ही परिजन ने जब चौकी चलकर विवाह को सार्वजनिक करने की बात कही तो उसने अचानक परिवार वालों को नवजात को छिन लेने की मनगढ़त कहानी बताई।

एसएनसीयू में रखा गया

चाइल्ड लाइन की भारती चौबे ने बताया कि 1098 पर सूचना मिली तो हम आरपीएफ पहुंचे। नवजात का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। बच्ची की तबीयत ठीक नहीं है। एसएनसीयू में रखा गया है।

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Published on:
08 Jun 2018 11:01 am
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