Weather Alert: भीषण गर्मी के बीच राहत के संकेत हैं। दरअसल छत्तीसगढ़ की ओर तेजी से बढ़ रहे तीन नए सिस्टम के असर से बारिश, आंधी और वज्रपात के आसार है…
Weather Alert: दुर्ग सहित पूरे छत्तीसगढ़ में मौसम इन दिनों करवट ले रहा है। वातावरण में सक्रिय विभिन्न सिस्टम के कारण तापमान, हवा और बादलों के स्वरूप में बदलाव देखने को मिल रहा है। फिलहाल गर्मी का असर बरकरार है, लेकिन आने वाले दिनों में आंशिक राहत मिलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे में मौसम में बदलाव के आसार है। वहीं कहीं कहीं बारिश, आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी हुई है।
दुर्ग में दिन में तेज धूप और उमस के बीच अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर तक लू जैसी स्थिति बनी रही, लेकिन शाम होते-होते बादल छा गए, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली। न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिनों की तुलना में हल्की गिरावट दर्शाता है। फिलहाल जिले में पारा 43 डिग्री के आसपास स्थिर बना हुआ है।
मौसम में बदलाव के पीछे तीन अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय चक्रीय परिसंचरण प्रमुख कारण हैं। पहला सिस्टम पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर, दूसरा उत्तर-पूर्व झारखंड क्षेत्र में और तीसरा मध्य प्रदेश के मध्य भाग मे सक्रिय है। तीनों मिलकर छत्तीसगढ़ के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी युक्त हवा दक्षिणी क्षेत्रों में प्रवेश कर रही हैं, जिससे गरज-चमक आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है और गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि एक मई से अगले कुछ दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री तक गिरावट आने के संकेत हैं।
आने वाले 24 घंटों में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ छींटे पडऩे की संभावना है। साथ ही तेज हवा (अंधड़) और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। हालांकि तापमान में हल्की कमी के बावजूद फिलहाल तेज गर्मी से पूरी राहत मिलने के आसार नहीं हैं और दिन का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है।
जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापमान में वृद्धि के कारण अप्रैल से जून के दौरान भीषण गर्मी व लू चलने की प्रवृत्ति देखी जा रही है। इसी आशंका के चलते जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने लू अलर्ट जारी किया है। इसका उद्देश्य आम जनता को लू के लक्षणों और बचाव के उपायों से अवगत कराना है, क्योंकि इससे सभी वर्ग के लोग प्रभावित होते हैं।
आईडीएसपी दुर्ग के नोडल अधिकारी सीबीएस बंजारे और जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट रितीका सोनवानी ने बताया कि गर्मी से संबंधित बीमारियों में बेहोशी, मांसपेशियों में जकडऩ, सिर दर्द, अधिक पसीना, कमजोरी, चक्कर आना, सांस व दिल की धडकऩ तेज होना प्रमुख लक्षण हैं। विभाग ने सलाह दी है कि भीषण गर्मी में पर्याप्त पानी पिएं, ओआरएस व घर के बने नींबू पानी, छाछ का सेवन करें। तरबूज जैसे मौसमी फल व सब्जियां खाएं। ढीले, सूती व हल्के कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें।
जितना हो सके घर के अंदर या छांव में रहें। बाहरी गतिविधियों को सुबह-शाम तक सीमित करें। अकेले बुजुर्गों व बीमारों की स्वास्थ्य निगरानी करें। शराब, चाय, कॉफी व अधिक चीनी वाले पेय पदार्थों से बचें। प्रोटीन युक्त व बासी भोजन न करें। खड़ी गाड़ी में बच्चों या पालतू जानवरों को न छोड़ें। लू के लक्षण होने पर नजदीकी चिकित्सा केंद्र में उपचार के लिए जाएं।