भीलवाड़ा

चित्तौड़गढ़ के बड़ाखेड़ा में 5 ठिकानों पर दबिश, 440 टन अवैध स्टॉक जब्त

‘ओवरलोड’ व अवैध बजरी स्टॉक खेल का खुलासा होने के बाद हरकत में आया प्रशासन

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Jan 04, 2026
Raids conducted at 5 locations in Badakheda, Chittorgarh; 440 tons of illegal stock seized.

मुख्यमंत्री के अवैध खनन विरोधी अभियान को धता बता रहे बजरी माफियाओं पर 'राजस्थान पत्रिका' में समाचार प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन और खनिज विभाग की नींद टूटी है। शनिवार को पत्रिका में "बजरी माफिया के रसूख के आगे 'सरकार' पस्त!" शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित खबर के बाद विभाग हरकत में आया। खनिज विभाग और राजस्व टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ाखेड़ा क्षेत्र में पांच अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी, जहाँ करीब 440 टन अवैध बजरी का स्टॉक पाया गया। इसे टीम ने तुरंत जब्त कर लिया।

चार बार नीलामी फेल, क्योंकि मौके से गायब बजरी

प्रशासनिक लापरवाही और माफिया की मिलीभगत का आलम यह है कि खनिज विभाग पिछले कुछ महीनों में जब्त की गई 5628 टन बजरी की नीलामी के लिए चार बार निविदाएं निकाल चुका है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि एक भी संवेदक या कंपनी ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। जांच में सामने आया कि बड़ाखेड़ा में पहले जब्त की गई बजरी माफियाओं की ओर से खुर्द-बुर्द कर दी गई थी। जब संवेदक अरुण शर्मा ने निलामी के संबंध में विभाग से जानकारी चाही, तो उसे बताया गया कि बड़ाखेड़ा में बजरी उपलब्ध ही नहीं है, जबकि गंगरार व अन्य स्थानों पर स्टॉक पड़ा है। यह विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान है कि आखिर जब्त की गई सरकारी संपत्ति मौके से गायब कैसे हो गई।

संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

खनिज विभाग के खनिज अभियंता एहतेशाम सिद्दीकी ने बताया कि पत्रिका से मिली सूचना के बाद जिला कलक्टर के निर्देश पर एक संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजी गई। टीम ने बड़ाखेड़ा क्षेत्र के 5 अलग-अलग अवैध स्टॉक पॉइंट देखे। जहां लगभग 440 टन अवैध बजरी थी उसे जब्त कर ली गई है। इस संयुक्त टीम में बेगूं तहसीलदार गोपाल जीनगर, नायब तहसीलदार (पारसोली) रामचंद्र वैष्णव, भू-अभिलेख निरीक्षक श्याम लाल भाटी, पटवारी जीवराज सिंह और खनिज विभाग के कार्यदेशक आवेश माथुर शामिल थे।

तस्करों का सुरक्षित कॉरिडोर: नीमच जा रही बजरी

क्षेत्र में तीन थानों की पुलिस और गश्ती दलों की मौजूदगी के बावजूद माफिया बेखौफ होकर ओवरलोड ट्रक मध्यप्रदेश के नीमच तक पहुंचा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि माफियाओं के रसूख के कारण कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह जाती है। बजरी जब्ती के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती इस स्टॉक को सुरक्षित रखने की है, ताकि पिछली बार की तरह यह फिर से 'गायब' न हो जाए।

इनके यहां मिला अवैध स्टॉक

संयुक्त टीम की ओर से बडाखेडा में की गई कार्रवाई के दौरान नारायण गुर्जर पिता हीरा गुर्जर निवासी विलोड (बीगोद) से 30 टन, ओमप्रकाश व भैरू गुर्जर निवासी सारण के कब्जे से 80 टन तथा डूंगरसिंह पिता गोपालसिंह निवासी बडाखेडा के यहां 150 टन बजरी तथा दो अन्य स्थानों से 180 टन कुल का 440 टन अवैध बजरी का स्टॉक जब्त किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बड़ाखेड़ा में अन्य स्थानों पर इससे भी अधिक मात्रा में बजरी का स्टॉक पड़ा है, लेकिन उसे देखा तक नहीं गया है।

Published on:
04 Jan 2026 09:11 am
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