राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (आरएसपीसीबी) ने भीलवाड़ा में राष्ट्रीय पहल “लाइफ के तहत ई-वेस्ट संग्रह अभियान चलाया है। यह अभियान पिछले दो दिन से चल रहा है। इन दो दिनों में अब तक करीब 9 टन ई वेस्ट का संग्रहण किया गया है। आरएसपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक धनेटवाल ने बताया कि अभियान के […]
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (आरएसपीसीबी) ने भीलवाड़ा में राष्ट्रीय पहल "लाइफ के तहत ई-वेस्ट संग्रह अभियान चलाया है। यह अभियान पिछले दो दिन से चल रहा है। इन दो दिनों में अब तक करीब 9 टन ई वेस्ट का संग्रहण किया गया है। आरएसपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक धनेटवाल ने बताया कि अभियान के तहत भीलवाड़ा में विभाग की ओर से एक ई-वेस्ट संग्रह केंद्र स्थापित किया है। इसका संचालन एक कम्पनी कर रही है। ई-वेस्ट रिसाइक्लर है इसके तहत पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का वैज्ञानिक और सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
धनेटवाल का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और अन्य हितधारकों के बीच जिम्मेदार ई-वेस्ट प्रबंधन के प्रति जागरुकता बढ़ाना है। इसके तहत सभी संबंधित पक्षों से अपील की गई कि वे अपने पुराने कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जमा कराएं। ई-वेस्ट (प्रबंधन) नियमों के तहत औद्योगिक इकाइयों और बड़े उपभोक्ताओं के लिए ई-वेस्ट का उचित प्रबंधन अनिवार्य है। अभियान में सक्रिय भागीदारी से न केवल पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी, बल्कि औद्योगिक इकाइयों को अपनी वैधानिक जिम्मेदारियों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
वैज्ञानिक अधिकारी श्वेता दाधीच ने बताया कि दो दिन में 9 टन ई वेस्ट एकत्रित किया गया है। इनमें संगम इंडिया लिमिटेड, पूजा स्पिनटेक्स, साईलीला, सल्जर प्रोसेस समेत अन्य औद्योगिक इकाइयां शामिल है। श्वेता ने सभी उद्यमियों से लाइफ-2026 पहल के तहत स्वच्छ, हरित और सतत पर्यावरण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया है।