मुख्य सचिव वी श्रीनिवास का भरोसा: उद्योगों के लिए पानी और जमीन की नहीं आएगी कमी
टेक्सटाइल सिटी के उद्यमियों की मेहनत और लगन का लोहा पूरी दुनिया मान रही है। उद्योगों के दम पर न केवल जिले में खुशहाली आई, बल्कि यह राजस्थान की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत आधार स्तंभ बना है। यह विचार राज्य के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने शुक्रवार को मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री की ओर से नितिन स्पिनर्स में कॉटन कस्तूरी विषय पर आयोजित उद्यमियों, निवेशकों एवं किसान से संवाद के दौरान व्यक्त किए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार टेक्सटाइल उद्योगों के सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भीलवाड़ा के औद्योगिक विस्तार में भूमि और जल की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।
भीलवाड़ा क्षेत्र में लगभग 30 हजार हेक्टेयर में कपास उत्पादन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि कस्तूरी कॉटन विषय पर भविष्य में ग्लोबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाए। इससे उद्यमियों को नई संभावनाओं से अवगत कराया जा सके।
सम्पर्क वार्ता के दौरान मेवाड़ चैम्बर ने जिले के टेक्सटाइल जगत के सामने खड़े बड़े संकटों की ओर मुख्य सचिव का ध्यान खींचा। विशेष रूप से एलपीजी की कमी के कारण उद्योगों के बंद होने के खतरे पर चिंता जताई। इसके अलावा औद्योगिक शांति के लिए मंडपिया में डेडिकेटेड औद्योगिक पुलिस थाना खोलने और भू-उपयोग परिवर्तन के अधिकार जिला स्तर पर देने जैसी प्रमुख मांगें प्रमुखता से उठाई गईं। कार्यक्रम में चैम्बर अध्यक्ष अनिल मिश्रा, महासचिव आरके जैन और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मुख्य सचिव का स्वागत किया। उन्हें स्मृति चिह्न के रूप में प्रसिद्ध फड़ पेंटिंग भेंट की।
वी. श्रीनिवास भावुक होते हुए बोले जब मैं 22 साल का था, तब मेरी पहली पोस्टिंग भीलवाड़ा में थी। प्रधानमंत्री का भी यही मानना है कि सीनियर ऑफिसर्स को उन इलाकों में वापस जाना चाहिए जहां उन्होंने करियर शुरू किया था। इस अवसर पर सांसद दामोदर अग्रवाल, विधायक अशोक कोठारी, दिनेश नौलखा, नितिन नौलखा, पूर्व सांसद सुभाष बहेड़िया, उद्यमी तिलोक छाबड़ा, डीपी मंगल, वरुण लढ्ढ़ा, प्रवीण जैन, दीपक अग्रवाल, योगेश लढ्ढ़ा, शांतिलाल पानगड़िया, सचिन राठी, मोहित भीमसरिया, अनिल गर्ग एवं अन्य वरिष्ठ उद्यमी समेत कस्तूरी कॉटन से संबंधित कृषक उपस्थित थे।