- उद्योग और हस्तशिल्प को मिलेगा बड़ा मंच: ग्रामीण हाट में उमड़ेगी भीड़ - टेक्सटाइल से लेकर खान-पान तक की लगेंगी 60 स्टॉल्स
वस्त्र नगरी के स्थानीय उद्योगों, एमएसएमई और बुनकरों के उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए शहर में एक बार फिर 'हुनर का मेला' सजने जा रहा है। 'एक जिला-एक उत्पाद' के तहत टेक्सटाइल इंडस्ट्री के औद्योगिक विकास में आमजन की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 21 से 26 जनवरी तक ग्रामीण हाट में "भीलवाड़ा टेक्सटाइल एण्ड हैंडीक्राफ्ट मेला" का आयोजन किया जाएगा।
मेले की तैयारियों को लेकर जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू ने अधिकारियों की बैठक ली। कलक्टर ने निर्देश दिए कि मेले में सफल उद्यमियों के 'टॉक शो' आयोजित किए जाएं, ताकि युवा पीढ़ी प्रेरणा ले सके।
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक के.के. मीना ने बताया कि 21 जनवरी को मेले का विधिवत शुभारंभ रंगोली और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ होगा। मेले का मुख्य लक्ष्य स्थानीय दस्तकारों और हस्तशिल्पियों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है, जहां वे सीधे ग्राहकों से जुड़ सकें।
शिक्षा विभाग के सहयोग से मेले में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 'ग्रीन एंड क्लीन भीलवाड़ा' थीम पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही स्कूली बच्चों के लिए मेहंदी, पोस्टर, निबंध और क्विज प्रतियोगिताएं होंगी। मांडलगढ़ किले के इतिहास से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। बैठक में मेवाड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासचिव आरके जैन, भीलवाड़ा टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के प्रेम स्वरूप गर्ग और लघु उद्योग भारती के शंभू प्रसाद काबरा ने हिस्सा लिया।
छह दिवसीय इस मेले में करीब 60 स्टॉल्स लगाई जाएंगी। मेले के प्रमुख आकर्षण होंगे।