आर्य बाल विद्या मंदिर स्कूल में हुए धमाके ने शिक्षा विभाग की नींद उड़ा दी है। 250 नौनिहालों की जान जोखिम में डालने वाली इस गंभीर लापरवाही पर शिक्षा विभाग हरकत में आया है। विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन […]
आर्य बाल विद्या मंदिर स्कूल में हुए धमाके ने शिक्षा विभाग की नींद उड़ा दी है। 250 नौनिहालों की जान जोखिम में डालने वाली इस गंभीर लापरवाही पर शिक्षा विभाग हरकत में आया है। विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक, रामेश्वर प्रसाद जीनगर ने मौका मुआयना करने के बाद स्पष्ट किया कि स्कूल परिसर में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। डीईओ जीनगर ने निरीक्षण के दौरान पाया कि स्कूल परिसर का उपयोग रिहायशी तौर पर किया जा रहा था, जो कि नियमों के विपरीत है। उन्होंने बताया कि स्कूल में सुरक्षा की दृष्टि से केवल गार्ड के रहने की अनुमति है, लेकिन यहां दो परिवार निवास कर रहे थे। विभाग स्कूल प्रबंधन से जवाब-तलब करेगा।
अधिकारियों का मानना है कि यह घटना बेहद गंभीर है, लेकिन गनीमत रही कि हादसा तीसरी मंजिल पर हुआ। स्कूल में कक्षा 1 से 10 तक करीब 250 बच्चे अध्ययनरत हैं। यदि यह धमाका स्कूल समय के दौरान होता या निचली मंजिल पर होता, तो इसकी कल्पना करना भी भयावह है। सुरक्षा के नाम पर स्कूल में जो तीन अग्निशमन सिलेंडर रखे थे, उन पर रिफिलिंग या एक्सपायरी की कोई तारीख ही अंकित नहीं थी। यानी आपात स्थिति में वे काम करते या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं थी।