- 16 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, 27 को गणेशोत्सव की रहेगी धूम
सावन समाप्ति के बाद अब हिन्दी पंचांग के छठे महीने भाद्रपद मास की शुरुआत रविवार से होगी। धार्मिक लिहाज से यह मास त्योहार और पर्वों के नाम रहेगा। भाद्रपद मास 7 सितम्बर तक रहेगा। इनमें जन्माष्टमी, गणेशोत्सव से लेकर जैन समाज के पर्यूषण सरीखे विभिन्न त्योहारों की धूम रहेगी। कृष्ण जन्माष्टमी पर झांकी सजेगी तो गणेशोत्सव पर डांडिया खनकेंगे। इस मास को लेकर लोगों में उत्साह का माहौल है।
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर जन्माष्टमी मनाएंगे। भाद्रपद शुक्ल तृतीया को अखंड सौभाग्य की हरतालिका तीज मनाते हैं। उस दिन माता पार्वती और शिवजी की पूजा करते हैं। गणपति बप्पा के लिए 10 दिन का उत्सव गणेश चतुर्थी भी भाद्रपद माह में ही होता है। भीलवाड़ा में गणेश चतुर्थी बड़े पैमाने पर मनाई जाती है। राधा अष्टमी, हल षष्ठी, ऋषि पंचमी जैसे व्रत और पर्व भी इस माह में आते हैं। भाद्रपद पूर्णिमा को पितृ पक्ष प्रारंभ होता है। उस दिन पितरों के लिए पूर्णिमा का श्राद्ध किया जाता है।
गणेशोत्सव को लेकर भी उत्साह का माहौल
गणेश चतुर्थी की शुरुआत 27 अगस्त से होगी। इस दिन गणेश मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ गांधीनगर स्थित गणेश मंदिर में मेला भरेगा। दस दिन तक गणपति बप्पा मोरिया की गूंज सुनाई देगी तो पांडल में गणेश जी विराजमान होंगे। यहां डांडियों की खनक गूंजेगी। उधर, 12 अगस्त को सातुड़ी तीज मनाई जाएगी। घर-घर सत्तू की महक महेकेगी। महिलाएं उपहास रखकर तीज माता की पूजा करेंगी।
साधना, तप, संयम का पर्यूषण पर्व
अगस्त में जैन धर्म का साधना, तप, संयम का पर्यूषण पर्व भी रहेगा। भाद्रपद महीने की शुक्ल पंचमी से इस परंपरा की शुरुआत होगी। ऐसे में इस साल दिगंबर जैन समाज का पर्यूषण पर्व की शुरुआत 28 अगस्त से होगी। इससे पहले श्वेतांबर जैन समाज के पर्यूषण पर्व मनाए जाएंगे। इस दौरान जैन धर्मावलंबी साधना, आराधना के साथ ही अपनी भूल की क्षमा मांगेंगे। यह पर्व महत्वपूर्ण पर्व मना जाता है।
यह व्रत-त्योहार मनाएं जाएंगे