भीलवाड़ा

भीलवाड़ा: BJP नेता आत्महत्या मामले का खुला राज, ‘सूदखोर ब्याज में पेनल्टी लगाकर रोज-रोज तकाजा करते थे, विश्वास में ही धोखा है’

Bhilwara News: भाजपा नेता ने सूदखोरों से परेशान होकर मंदिर में जहर खाकर अपनी जान दे दी थी। उन्होंने आत्महत्या करने से प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन लिखकर एसडीएम को सौंपा था।
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Jun 18, 2025
Bhilwara Asind BJP leader LaduLal suicide
बीजेपी नेता आत्महत्या मामला का खुला राज (एक्स हैंडल से ली गई तस्वीर)

Bhilwara BJP leader suicide case: भीलवाड़ा जिले के आसींद क्षेत्र में भाजपा नेता के सूदखोरों की प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर जान देने का मामला सामने आया है। खुदकुशी की घटना के बारह दिन बाद मृतक का सुसाइड नोट सामने आने से यह खुलासा हुआ। मृतक ने खुदकुशी से पहले प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर ब्याजखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर जान देने की बात कही थी।


जानकारी के अनुसार, भाजपा नेता लादूलाल पुत्र कन्हैयालाल को 24 मई को विषाक्त सेवन करने की सूचना पर आसींद समुदाय स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद भीलवाड़ा रेफर किया गया था। यहां महात्मा गांधी हॉस्पिटल में गत 27 मई को लादूलाल की मौत हो गई।


मिला सुसाइड नोट


सामाजिक रीति-रिवाज बारहवें के पूर्ण होने के पश्चात मृतक लादूलाल तेली का मृत्यु से पूर्व लिखा सुसाइड नोट परिजनों को मिला। सुसाइड नोट के अनुसार, लादूलाल ने 24 मई को प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा। रजिस्टर्ड डाक से पोस्ट करने के बाद पैतृक गांव मारवो का खेड़ा स्थित बालाजी मंदिर पहुंच विषाक्त का सेवन कर लिया था।


इनके खिलाफ दर्ज हुए मामले


सुसाइड नोट के आधार पर आसींद पुलिस ने आसींद, दौलतगढ़ और बनेड़ा निवासी लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। इनमें चांदमल मेवाड़ा (सेवानिवृत अध्यापक) नरोत्तम मेवाड़ा, संदीप मेवाड़ा, देवीलाल मेवाड़ा, ताराचंद मेवाड़ा, धापू देवी खटीक, पंकज खटीक, दिनेश खटीक, हरिशंकर शर्मा, अनिता शर्मा, सत्यनारायण जोशी और राधेश्याम माणमया, लादूनाथ योगी, लादूनाथ, विष्णु सिंह और चैन सिंह आदि शामिल हैं।


पेनल्टी लगाकर तकाजा करते थे


सुसाइड नोट के अनुसार, मृतक लादूलाल ने लिखा कि ब्याज माफियाओं को मूल रकम से 5 गुना से अधिक राशि चुका दी है। लेकिन ब्याज पर ब्याज से यह राशि कई वर्षों से ब्याज माफिया पूरी होने ही नहीं देते हैं। लेकिन फिर भी आरोपी गण उनके ब्याज में पेनल्टी लगाकर और राशि का तकाजा कर रहे थे, जबकि पूरी राशि चुका दी गई। लेकिन आरोपी भरपाई करने को तैयार नहीं थे। आए दिन राशि का ताकाजा कर मारने की धमकी और प्रताड़ित कर रहे थे।

Updated on:
18 Jun 2025 08:34 am
Published on:
18 Jun 2025 08:34 am