माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की ओर से आयोजित होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर इस बार सुरक्षा का घेरा अभेद्य कर दिया है। राज्य सरकार की ओर से 1 अप्रेल से नया शिक्षा सत्र शुरू करने की कवायद के चलते इस बार परीक्षाएं मार्च के बजाए फरवरी में हो रही हैं। […]
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की ओर से आयोजित होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर इस बार सुरक्षा का घेरा अभेद्य कर दिया है। राज्य सरकार की ओर से 1 अप्रेल से नया शिक्षा सत्र शुरू करने की कवायद के चलते इस बार परीक्षाएं मार्च के बजाए फरवरी में हो रही हैं। इसी कड़ी में बोर्ड के प्रश्न पत्र अजमेर से भीलवाड़ा पहुंच चुके हैं और इन्हें सुरक्षा के लिहाज से सीधे पुलिस थानों की निगरानी में रखवाया गया है।
शिक्षा विभाग ने प्रश्न पत्रों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने के लिए जिले में 9 विशेष रूट निर्धारित किए थे। अजमेर बोर्ड से आए इन गोपनीय दस्तावेजों को कोष कार्यालय के माध्यम से जिले के 33 थानों और 2 चौकियों में सुरक्षित अलमारियों में रखवाया है। अलमारियों की चाबियां और ताले संबंधित परीक्षा केन्द्राधीक्षक की सीधी मौजूदगी में लगाए गए हैं। परीक्षा के दिन तय समय पर शिक्षक और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में इन प्रश्न पत्रों को निकाला जाएगा और कड़ी सुरक्षा के बीच केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) रामेश्वर प्रसाद जीनगर ने बताया कि बोर्ड ने इस बार सुरक्षा प्रबंधन में बड़ा बदलाव किया है। अब तक प्रश्न पत्र दो चरणों में केंद्रों तक पहुंचते थे, लेकिन इस बार पहली बार सभी विषयों के प्रश्न पत्र एक ही चरण में भेज दिए हैं। इस बार नोडल केंद्रों की व्यवस्था को हटाकर सीधे थानों को केंद्र बनाया है ताकि लीक या छेड़छाड़ की किसी भी गुंजाइश को खत्म किया जा सके।