भीलवाड़ा

डॉक्टर्स ने तले पकौड़े, मांगे नहीं मानने पर करेंगे उग्र आंदोलन

भीलवाड़ा. आरवीआरएस मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक शिक्षकों ने हड़ताल के पांचवे दिन एमजीएच के बाहर पकौड़े तले। इसके पीछे संदेश देना था की सरकार अगर उनकी मांगे नहीं मानती है तो उन्हें त्याग पत्र देकर पकौड़े तलने को मजबूर होना पड़ेगा। उ
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Updated: 26 Jul 2024, 9:20 PM IST
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भीलवाड़ा. आरवीआरएस मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक शिक्षकों ने हड़ताल के पांचवे दिन एमजीएच के बाहर पकौड़े तले। इसके पीछे संदेश देना था की सरकार अगर उनकी मांगे नहीं मानती है तो उन्हें त्याग पत्र देकर पकौड़े तलने को मजबूर होना पड़ेगा। उधर, हड़ताल के पांचवे दिन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ग्रुप 2 के चिकित्सकों ने समर्थन देते हुए महात्मा गांधी अस्पताल की ओपीडी में काली पट्टी बांधकर सेवाएं दी।हड़तालरत चिकित्सकों का नेतृत्व कर रही एमजीएच ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. लीना जैन ने कहा कि हमारी मांग केवल इतनी है कि हमें राजस्थान सेवा नियम के अंतर्गत लिया जाए। अभी हमारे साथ बहुत भेदभाव व विसंगतियां है।

मेडिकल ज्युरिष्ट डॉ. अनुपम बंसल ने बताया कि उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने 10 जुलाई को बजट घोषणा में कहा की राजमेस में आरएसआर नियम लागू होंगे लेकिन आरएसआर रूल्स 1 अगस्त 2024 से नई फैकल्टी के लिए लागू कर दिए जो हमारे सेल्फ रिस्पेक्ट और स्वाभिमान पर कुठाराघात है । मेडिकल ज्युरिष्ट डॉ. चेतन जैन आदि ने विचार रखे।

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26 Jul 2024, 9:20 PM IST
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