भगवान परशुराम की जयंती भी मनाई जाएगी, सामूहिक पारणोत्सव का आयोजन भी होगा
Bhilwara news : अक्षय तृतीया बुधवार 30 अप्रेल को मनाई जाएगी। यह त्योहार हिंदू और जैन दोनों धर्मों के लिए महत्वपूर्ण होता है। जैन धर्म जहां इस दिन वर्षीतप व उपवार रखने वालों का वृहद स्तर पारणोत्सव का आयोजन करता है। वहीं सनातन धर्म अक्षय तृतीया के दिन अबूझ सावा होने के कारण विवाहोत्सव व अन्य धार्मिक आयोजन करता है। साथ ही इस दिन भगवान परशुराम की जयंती भी मनाई जाती है।
इस बार अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त सुबह 5.41 मिनट से दोपहर 2.12 मिनट तक रहेगा। इस दिन विशेष महत्व सोना खरीदना शुभ माना जाता है। साथ ही इसी दिन भगवान विष्णु, भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की पूजा होती है। इस दिन नए व्यापार शुरू करना, विवाह, मुंडन, नई नौकरी शुरू करना, नए निवास में स्थानांतरित होना इत्यादि हैं। इस दिन सोना-चांदी खरीदने की परंपरा भी चली आ रही है।
पंडित अशोक व्यास के अनुसार अक्षय तृतीया की तिथि 29 अप्रेल की शाम 5.32 बजे से शुरू होकर 30 अप्रेल दोपहर 2.13 बजे तक रहेगी। लेकिन उदया तिथि को प्रधानता दी जाती है। ऐसे में 30 अप्रेल को पूरे दिन अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन लोग विवाह, गृह प्रवेश, वाहन या संपत्ति खरीदने, व्यापार आरंभ करने जैसे कार्यों को शुभ मानते हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने परशुराम के रूप में अवतार लिया था और मां गंगा का धरती पर अवतरण भी इसी तिथि को हुआ था। यही नहीं, चारधाम यात्रा की शुरुआत भी अक्षय तृतीया से होती है।
सोने की बढ़ती कीमतों ने बाजार की रौनक खोई
लगातार सोने व चांदी की कीमतें बढ़ने से सर्राफा बाजार अब सूना-सूना नजर आने लगा है। हालांकि अक्षय तृतीया के दिन शुभ मुहर्त में सोना खरीदने व शादी समारोह के चलते जरुरत के अनुसार ही सोने की खरीदारी हो रही है।