भीलवाड़ा

Bhilwara news : लाभार्थी आवास प्लस एप का उठाएं लाभ, अपने घर के लिए 31 तक करें आवेदन

आवास प्लस 2024 मोबाइल एप सर्वेक्षण पर चल रहा जिले में सर्वे का कार्य

2 min read
Jan 25, 2025
Beneficiaries can avail the benefit of Awas Plus App, apply for your house till 31st

Bhilwara news : प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों की सर्वेक्षण प्रक्रिया तकनीकी दिक्कतों के कारण धीमी थी। शिकायतों के बाद अब केंद्र सरकार ने आवास-प्लस एप का नया वर्जन लॉन्च किया है। इसे सर्वेयरों के मोबाइल में लोड किया जा सकेगा। इससे सर्वे में तेजी आएगी। जिले में इस सर्वेक्षण का कार्य फिलहाल 31 जनवरी तक जारी रहेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थियों के चयन और निर्माण स्थल के सत्यापन के लिए आवास-प्लस एप का उपयोग हो रहा है। इसमें मनरेगा जॉब कार्ड और आधार कार्ड डाटा का मिलान संबंधित पोर्टल से किया जाता है। हालांकि मनरेगा और यूआइडीएआइ पोर्टल से सत्यापन प्रक्रिया की धीमी गति के चलते कठिनाई आ रही थी।

500 से अधिक लाभार्थियों का सर्वे

जिले में अभी तक सिर्फ 500 लाभार्थियों का सर्वे पूरा हो सका है। धीमी गति से काम होने से बाद में सरकार ने आवास-प्लस एप का नया वर्जन 2.13 लॉन्च किया। इससे समस्या का समाधान होने की संभावना है। जिला परिषद के अनुसार नए वर्जन को सर्वेयरों के मोबाइल में इंस्टाल कर दिया है। इस वर्जन में तकनीकी खामियों को दूर करने के साथ एप की कार्यक्षमता बढ़ाई है।

31 तक सर्वे पूरा करने का लक्ष्य

सर्वे प्रक्रिया को 31 जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक लाभार्थी का डाटा सत्यापित हो और उन्हें योजना का लाभ जल्द से जल्द मिले। नए वर्जन से उम्मीद की जा रही है कि सर्वेक्षण कार्य समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सकेगा। सर्वे प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता लाने के लिए जियो-टैगिंग और आवास की थ्री-डी इमेजिंग का उपयोग किया जा रहा है। प्रत्येक आवास की स्थिति का सटीक डाटा तैयार करने के लिए यह तकनीक सहायक हैं।

यह है आवास-प्लस एप से सर्वे की प्रक्रिया

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों की पहचान और चयन के लिए एप के माध्यम से नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। एप के माध्यम से आधार आधारित ई-केवाईसी और जियो-टैगिंग की मदद से सटीक और पारदर्शी डेटा संग्रह किया जा रहा है। एप में सेल्फ सर्वे और असिस्टेड सर्वे के विकल्प दिए हैं। इसमें डिजिटल प्रमाण सत्यापन आधारित प्रणाली जैसे जियो-टैग्ड और समय-चिह्नित फोटो डाटा संकलन शामिल है। एप में स्थानीय जलवायु और भौगोलिक कारकों के अनुसार 25 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में घर निर्माण के लिए आवासों के विभिन्न डिजाइन उपलब्ध हैं।

Published on:
25 Jan 2025 11:06 am
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