- लहसुन के थोक भाव 40 से 50 रुपए प्रति किलो, प्याज 20 से 30 रुपए
Bhilwara news : महंगाई की मार झेल रहे उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। रोजमर्रा की जरूरत लहसुन के नई फसल आने साथ ही थोक व खुदरा भाव औंधे मुंह गिर गए हैं। सर्दियोें के सीजन में चार सौ रुपए प्रति किलो तक खुदरा भाव अब गिरकर महज 100 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। भीलवाड़ा मंडी में थोक में लहसुन के थोक भाव 40 से 50 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। इससे जहां एक ओर आम उपभोक्ता को महंगाई से राहत मिली है वहीं उत्पादक किसानों की मुसीबत बढ़ी है। भावों में आ रही कमी के कारण किसानों को उनकी फसल का लागत मूल्य तक मिलने में परेशानी आ रही है। कारोबारियों के अनुसार रबी फसलों की थ्रेसिंग के बाद भीलवाड़ा मंडी में अप्रेल माह में लहसुन की आवक जोर पकड़ेगी। साथ ही गर्मी होने से इसकी गुणवत्ता में भी सुधार होगा। शुरूआती आवक को देखते हुए पीक सीजन के दौरान भावों में और गिरावट आने के आसार है।
पिछले साल से ज्यादा बुवाई
लहसुन कारोबारियों के अनुसार पिछले साल भाव ज्यादा होने के कारण लहसुन की इस बार बुवाई ज्यादा हुई है। इसके कारण भावों में गिरावट आ रही है। वहीं मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में अनुकूल मौसम के कारण लहसुन का अच्छा उत्पादन हुआ है। हालांकि अभी नए लहसुन में नमी की मात्रा अधिक है। इसके कारण लहसुन की खपत कम है। हालांकि लहसुन की कीमतों में कमी आने से महंगाई का बोझ कुछ हद तक कम हुआ है।
औषधीय गुणों से भरपूर
चिकित्सकों के अनुसार एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के साथ ही लहसुन मैग्नीशियम, कैल्शियम, जिंक और सेलेनियम के अलावा विटामिन सी, विटामिन ए और विटामिन बी से भरपूर होता है। जो शरीर में रक्त प्रवाह बढ़ाता है। वहीं लहसुन में मौजूद एलिसिन रसायन से हृदय और रक्त प्रणाली के लिए फायदा होता है। खाली पेट कच्चा लहसुन खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।
मंडी व्यापारी मथुरा लाल माली का कहना है कि लहसुन की नई फसल बाजार में आने लगी है। इससे लहसुन के भाव लगातार कम होते जा रहे हैं। रोजमर्रा की जरूरत लहसुन के भावों में कमी आने से आम आदमी को फायदा हो रहा है। प्याज के भावों में भी कमी आई है। अब प्याज 20 से 30 रुपए प्रति किलो की दर से आसानी से मिल रहे है।