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आरटीई में प्रवेशित बच्चों को पढ़ाई से रोका या फीस मांगी तो निजी स्कूलों की खैर नहीं

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत फ्री-सीट्स पर प्रवेश लेने, बच्चों को परेशान करने वाले निजी स्कूलों पर अब शिक्षा विभाग ने शिकंजा कस दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारंभिक, भीलवाड़ा ने एक आदेश जारी कर जिले के सभी गैर-सरकारी (प्राइवेट) स्कूलों को सख्त चेतावनी दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि […]

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If private schools prevent children admitted under RTE from studying or demand fees, they will face serious consequences.

If private schools prevent children admitted under RTE from studying or demand fees, they will face serious consequences.

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत फ्री-सीट्स पर प्रवेश लेने, बच्चों को परेशान करने वाले निजी स्कूलों पर अब शिक्षा विभाग ने शिकंजा कस दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारंभिक, भीलवाड़ा ने एक आदेश जारी कर जिले के सभी गैर-सरकारी (प्राइवेट) स्कूलों को सख्त चेतावनी दी है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी निजी स्कूल आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों को क्लास में बैठने से रोकता है या उनसे फीस की मांग करता है, तो उस स्कूल के खिलाफ मान्यता रद्द करने जैसी बड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

क्या है मामला

शैक्षिक सत्र 2025-26 में आरटीई की धारा के तहत निजी स्कूलों में कक्षा प्री-प्राइमरी 3 यानी तीन वर्ष या उससे अधिक लेकिन 4 वर्ष से कम आयु के बच्चों और कक्षा-1 में गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को निःशुल्क सीटों पर प्रवेश दिया गया है। शिक्षा विभाग के ध्यान में आया है कि कुछ स्कूल इन बच्चों की उपस्थिति दर्ज करने में आनाकानी कर रहे हैं या अभिभावकों से फीस मांग रहे हैं। इसी को देखते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर के निर्देशों के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने यह सख्त कदम उठाया है।

इन नियमों के तहत होगी कार्रवाई

आदेश में स्पष्ट लिखा गया है कि शिकायत मिलने पर राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम 1989, नियम 1993 एवं संशोधित नियम 2011 के तहत कार्रवाई की जाएगी। सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (सीबीईओ) को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव तुरंत जिला कार्यालय को भेजें।

इन ब्लॉकों पर विशेष नजर

जिला शिक्षा अधिकारी ने आसींद, बनेड़ा, बिजौलियां, हुरडा, जहाजपुर, कोटड़ी, करेड़ा, मांडल, मांडलगढ़, रायपुर, सहाड़ा, शाहपुरा एवं सुवाणा के सीबीईओ को अपने क्षेत्र के स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा है।

अभिभावकों के लिए राहत की खबर

यदि आपके बच्चे का एडमिशन आरटीई के तहत हुआ है और स्कूल संचालक बच्चे को स्कूल आने या क्लास में बैठने से मना कर रहा है। पढ़ाई कराने से इनकार कर रहा है। किसी भी तरह की फीस या शुल्क की मांग कर रहा है। ...तो इसकी शिकायत तुरंत अपने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से करें। विभाग ने ऐसे स्कूलों पर तुरंत एक्शन लेने की तैयारी कर ली है।

सभी को देना होगा प्रवेश

निजी स्कूलों में पहली कक्षा में भी बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश देना होगा। इसमें किसी तरह की मनमानी अब नहीं चलेगी, राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश और विभागीय नियमों की पालना हर हाल में सुनिश्चित करनी होगी।

रामेश्वर प्रसाद जीनगर, कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी भीलवाडा

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