- झालावाड़ दुखांतिका के बाद खुली सरकार की नींद - भीलवाड़ा के 118 विद्यालयों को मिले 6.55 करोड़ रुपए - सुवाणा ब्लॉक को सबसे अधिक, करेड़ा को सबसे कम बजट - निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य
झालावाड़ दुखांतिका के बाद आखिरकार सरकार की नींद जगी है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए राज्य सरकार ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में मरम्मत कार्यों के लिए बड़ा कदम उठाया है। बजट वर्ष 2025-26 की घोषणा के तहत 1936 विद्यालय भवनों के लिए 169 करोड़ 52 लाख 94 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। समग्र शिक्षा की राज्य परियोजना निदेशक एवं स्कूल शिक्षा आयुक्त अनुपमा जोरवाल ने आदेश इस सम्बंध में आदेश जारी किया।
यह राशि राज्य बजट मद के तहत स्वीकृत की है। इसमें निर्माण लागत, आकस्मिकता एवं गुणवत्ता नियंत्रण शुल्क शामिल हैं। मरम्मत कार्यों की निगरानी के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि स्वीकृत गतिविधियों पर ही व्यय किया जाएगा। अंतिम भुगतान केवल सभी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही किया जाएगा। इसमें समाप्ति प्रमाण पत्र और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति अनिवार्य होगी।
भीलवाड़ा को 6.55 करोड़ की स्वीकृति
भीलवाड़ा जिले के 14 ब्लॉकों के 118 राजकीय विद्यालयों के लिए 6 करोड़ 55 लाख की राशि स्वीकृत हुई है। सर्वाधिक राशि सुवाणा ब्लॉक की 22 स्कूलों के लिए 1 करोड़ 41 लाख रुपए। सबसे कम राशि बदनोर की 2 स्कूलों के लिए 8 लाख रुपए तथा करेड़ा ब्लॉक की 2 स्कूल के लिए 10 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं।
निर्देशों का सख्त पालन जरूरी
राज्य परियोजना निदेशक के अनुसार, कार्यों के निष्पादन के दौरान निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना होगा। इसमें स्वीकृति से अधिक व्यय नहीं किया जाएगा। अतिरिक्त मद या विचलन विवरण बिना अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। अंतिम भुगतान पूर्णता प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही होगा।
भीलवाड़ा जिले का ब्लॉकवार आवंटन