यह बजट विकसित भारत को नई ताकत देता है और राजकोषीय अनुशासन का शानदार उदाहरण है। सरकार ने 4.3 प्रतिशत राजकोषीय घाटे का लक्ष्य रखा है, साथ ही 12.2 लाख करोड़ के रिकॉर्ड कैपेक्स से इंफ्रा को वर्ल्ड क्लास बनाने का प्लान पेश किया है। वित्त मंत्री ने कहा सुधारों को रिफॉर्म एक्सप्रेस से और […]
यह बजट विकसित भारत को नई ताकत देता है और राजकोषीय अनुशासन का शानदार उदाहरण है। सरकार ने 4.3 प्रतिशत राजकोषीय घाटे का लक्ष्य रखा है, साथ ही 12.2 लाख करोड़ के रिकॉर्ड कैपेक्स से इंफ्रा को वर्ल्ड क्लास बनाने का प्लान पेश किया है। वित्त मंत्री ने कहा सुधारों को रिफॉर्म एक्सप्रेस से और तेज करेंगे।
भीलवाड़ा जैसे टेक्सटाइल हब के लिए एकीकृत टेक्सटाइल कार्यक्रम और मेगा टेक्सटाइल पार्क की घोषणा बेहद अच्छी है। पुराने क्लस्टर्स के रिवैंप की योजना से आधुनिक मशीनरी और टेक के लिए फंडिंग मिलेगी। समर्थ 2.0 और नेशनल फाइबर स्कीम से लोकल उद्यमी ग्लोबल लेवल पर कंपटीटिव बनेंगे, खासकर टेक्निकल टेक्सटाइल्स में।
बजट से एमएसएमइ सेक्टर को चैंपियन बनाने के लिए 10 हजार करोड़ का एसएमइ ग्रोथ फंड और क्रेडिट गारंटी स्कीम्स से बिजनेस लिक्विडिटी बढ़ेगी। मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए विदेश यात्रा, पढ़ाई, इलाज पर एलआरएस टीसीएस 5 से घटाकर 2 प्रतिशत करने से बड़ी राहत मिली। कैंसर की 17 दवाओं और रेयर बीमारियों की दवाओं पर कस्टम्स ड्यूटी पूरी तरह हटाई।
नए आयकर अधिनियम 2025 से सरलीकरण की उम्मीद थी, लेकिन टैक्स स्लैब्स या स्टैंडर्ड डिडक्शन में बड़ा बदलाव नहीं हुआ। इससे मिडिल क्लास को निराशा होना स्वाभाविक है। भीलवाड़ा को डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर या स्पेशल रेल सर्विस की कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई। छोटे व्यापारियों के लिए जीएसटी कट और आसान कंप्लायंस की उम्मीद अभी बाकी है।
पूंजी बाजार फ्यूचर्स पर सिक्योरिटी ट्रांज़ैक्शन टैक्स 0.02 से 0.05 और ऑप्शंस पर 0.15 प्रतिशत किया गया। इससे शेयर बाजार में निवेश करने वालों पर भार बढ़ेगा। शेयर बायबैक अब शेयरधारकों के लिए कैपिटल गेंस टैक्स के तहत आएगा। इससे निवेशकों की टैक्स लायबिलिटी बढ़ेगी। नई टैक्स सिस्टम में एमएटी क्रेडिट पर 1/4 लिमिट से कुछ कंपनियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।