अमृत परियोजना के तहत ‘आओ संवारें, तालाब किनारे’ थीम पर 3 घंटे तक किया श्रमदान संत निरंकारी मिशन की ओर से रविवार को शहर के हरणी महादेव सरोवर और उसके घाटों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। अमृत परियोजना के तहत आयोजित इस भगीरथी प्रयास में 200 से अधिक निरंकारी भक्तों ने अलसुबह से ही मोर्चा […]
संत निरंकारी मिशन की ओर से रविवार को शहर के हरणी महादेव सरोवर और उसके घाटों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। अमृत परियोजना के तहत आयोजित इस भगीरथी प्रयास में 200 से अधिक निरंकारी भक्तों ने अलसुबह से ही मोर्चा संभाला। सेवादारों ने महज तीन घंटे के भीतर सरोवर के चारों ओर से 10 ट्रैक्टर-ट्रॉली से ज्यादा कचरा, काई और प्लास्टिक बाहर निकालकर स्वच्छ जल-स्वच्छ मन का संदेश दिया। यह अभियान गुरु सुदीक्षा की प्रेरणा से देशभर के 1500 जल तटीय स्थलों पर एक साथ चलाया गया।
सुबह 8 बजे शुरू हुए अभियान में घाटों, आसपास के गार्डन, पहाड़ी क्षेत्र और पर्यटक मार्ग की सफाई की गई। निरंकारी मीडिया लादूलाल भांड और मुखी इंचार्ज संत ग्यारसी लाल ने बताया कि मुख्य लक्ष्य जल संरक्षण और जनता को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। हरणी महादेव कमेटी के उपाध्यक्ष महादेव जाट व श्रद्धालुओं ने युवाओं से इस निस्वार्थ सेवा से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
जोन के क्षेत्र संचालक संत हरीचरन और सेवादल शिक्षक रमेश कुमार मेहरा के निर्देशन में चले इस अभियान के समापन पर घाट किनारे सत्संग हुआ। इसमें गीतों और संगोष्ठियों के जरिए निर्मल प्रकृति का संदेश दिया गया। यह पहल दर्शाती है कि मन निर्मल होने पर ही प्रकृति स्वच्छ होती है। भावी पीढ़ियों के लिए धरती को सुंदर और संतुलित रूप में संजोकर रखना ही इस अभियान का पावन संकल्प है।