- कक्षा 9वीं से 12वीं तक की बालिकाओं के होंगे हीमोग्लोबिन, ब्लड ग्रुप और शुगर टेस्ट - शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश, 14 हजार 822 छात्राओं की होगी जांच
सरकारी बालिका विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं के स्वास्थ्य को लेकर शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी पहल की है। अब कक्षा 9वीं से 12वीं तक की बालिकाओं की 'हेल्थ प्रोफाइल' तैयार की जाएगी। इसके तहत स्कूलों में विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित कर छात्राओं के हीमोग्लोबिन, ब्लड ग्रुप और ब्लड शुगर की जांच की जाएगी। जिले में 89 स्कूलो में 14 हजार 822 बालिकाओं की जांच होगी।
जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक, राजेन्द्र कुमार गग्गड़ ने इस संबंध में जिले के सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। यह अभियान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भीलवाड़ा के समन्वय से चलाया जाएगा।
आदेश के अनुसार, जिले के चयनित बालिका विद्यालयों में चिकित्सा दल पहुंचकर जांच करेगा। शिविर के सफल संचालन के लिए संबंधित पीईईओ और संस्था प्रधानों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत चिकित्सा टीम के बैठने और जांच के लिए स्कूल परिसर में समुचित स्थान उपलब्ध कराना होगा। शिविर के दिन विद्यालय के एक शिक्षक को इस समस्त प्रक्रिया की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, ताकि कार्य सुचारू रूप से हो सके। चिकित्सा विभाग की ओर से आयोजित कैंप का पूरा प्लान और स्टाफ की सूची पहले ही तैयार कर ली जाए।
शिक्षकों का मानना है कि किशोरावस्था में बालिकाओं में अक्सर एनीमिया (खून की कमी) की शिकायत रहती है। इसके तहत हीमोग्लोबिन जांच होगी। इससे एनीमिया का समय पर पता चल सकेगा और छात्राओं को उचित पोषण व दवाइयां दी जा सकेंगी। कम उम्र में डायबिटीज के लक्षणों की पहचान करने में ब्लड शुगर की जांच से मदद मिलेगी। साथ ही भविष्य में किसी भी आपात स्थिति के लिए छात्राओं के पास अपने ब्लड ग्रुप की प्रमाणित जानकारी उपलब्ध रहेगी।
आदेश के अनुसार जिले में करीब 89 स्कूलो में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की बालिकाओं की जांच होगी। इसमें कक्षा 9 में 5043, कक्षा 10 में 3732, कक्षा 11वी में 3246 तथा कक्षा 12वी में 2801 बालिकाएं अध्ययनरत है। यानी कुल 14 हजार 822 बालिकाओं की जांच होगी। जांच केवल हीमोग्लोबिन, ब्लड ग्रुप और शुगर की होगी। यह कैंप 6 से 16 जनवरी तक लगेगा।