2 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सपनों को पंख देता भीलवाड़ा का राजेंद्र मार्ग विद्यालय

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजेन्द्र मार्ग, केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि मेवाड़ की गौरवशाली शैक्षणिक विरासत का प्रतीक है। सन 1942 में भामाशाह स्वर्गीय पुषालाल मानसिंहका की ओर से दान की गई भूमि पर निर्मित इस विद्यालय का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था। आज अपनी स्थापना के 84 वर्षों बाद भी […]

2 min read
Google source verification
Rajendra Marg School of Bhilwara gives wings to dreams

Rajendra Marg School of Bhilwara gives wings to dreams

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजेन्द्र मार्ग, केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि मेवाड़ की गौरवशाली शैक्षणिक विरासत का प्रतीक है। सन 1942 में भामाशाह स्वर्गीय पुषालाल मानसिंहका की ओर से दान की गई भूमि पर निर्मित इस विद्यालय का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था। आज अपनी स्थापना के 84 वर्षों बाद भी यह विद्यालय नित नए आयाम स्थापित कर रहा है।

अत्याधुनिक सुविधाएं और ढांचा

विद्यालय परिसर तकनीक और परंपरा का अद्भुत संगम है। यहां 18 केवी का सोलर पावर प्लांट, हाई-टेक विज्ञान प्रयोगशालाएं (भौतिक, रसायन, जीव और कृषि विज्ञान), और अटल टिंकरिंग लैब उपलब्ध हैं। विद्यालय की सुरक्षा के लिए पूरा परिसर सीसीटीवी कैमरों से लैस है और पेयजल के लिए आरओ प्लांट व वाटर कूलर की व्यवस्था है। यहां का आकर्षक प्रशासनिक भवन, गांधी वाटिका और मुक्ताकाशी रंगमंच इसके सौंदर्य में चार चांद लगाते हैं।

बहुआयामी शिक्षण और उपलब्धियां

कक्षा 1 से 12 तक हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में संचालित इस विद्यालय में कला, विज्ञान, वाणिज्य और कृषि संकायों के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा (रिटेल व सिक्योरिटी) भी दी जा रही है। वर्तमान में लगभग 2600 विद्यार्थी यहां भविष्य संवार रहे हैं। विद्यालय का परीक्षा परिणाम न केवल जिला स्तर पर, बल्कि राज्य स्तर पर भी उत्कृष्ट रहता है।

प्रतिभाओं की खान

राजेंद्र मार्ग स्कूल ने देश को कई नामी विभूतियां दी हैं। यहां के पूर्व छात्र विकास व्यास अमेरिका में मर्सिडीज़बेन्ज़ में एआई तकनीक का नेतृत्व कर रहे हैं, तो अनिरुद्ध वैष्णव (आईआरएस) और अर्जुन अवार्डी सुरेंद्र कटारिया (वॉलीबाल) जैसे दिग्गजों ने भी इसी आंगन से प्रेरणा पाई है। प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह गहलोत के कुशल नेतृत्व और समर्पित स्टाफ के प्रयासों से यह विद्यालय "सबके लिए समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा" के ध्येय को चरितार्थ कर रहा है। 56 छात्रों का सेना में विन्नि पदों पर चयन हुआ है।

सरकार से यह है दरकार

  • स्कूल के प्रार्थना स्थल पर एक डोम की आवश्यकता है।
  • स्कूल में यहां एक स्पोट्रर्स कॉम्पलेक्स की जरूरत है ताकि खिलाड़ी अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर छाप छोड़ सके।
  • स्कूल में 86 पद स्वीकृत है, लेकिन 48 पर ही शिक्षक कार्यरत है। शेष की व्यवस्था विद्यालय विकास समिति के माध्यम से की जा रही है।

क्या कहते है विद्यार्थी

राजेन्द्र मार्ग स्कूल में शिक्षा, संस्कार, खेल के साथ साथ अनुशासन का पाठ पढाया जाता है। इसके कारण खेल में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है। इसका श्रेय प्रधानाचार्य के साथ सभी शिक्षकों व माता-पिता को जाता है।

प्रिंस सुवालका

राजेन्द्र मार्ग विद्यालय में मेरी वैज्ञानिक सोच बनी है, मैंने यहां अटल टिंकरिंगलेब के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर की कान्फ्रेंस में भाग लिया जो मेरे लिए बहुत बडी उपलब्धि रही है। यहां हमारे सर्वांगीण विकास के लिए सभी क्षेत्र में प्रोत्साहन मिलता है।

आदित्य दाधीच

छात्रों के सपनो को पंख देने के लिए विद्यालय प्रशासन व विद्यालय विकास प्रबंधन समिति हर समय तत्पर रहता है। विद्यालय के शैक्षिक, भौतिक व साहित्यिक गतिविधियों में ऊचाईयां छूने में विद्यालय परिवार संकल्पित है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के साथ-साथ छात्रों में विभिन्न कौशलों के विकास के लिए विशेष कार्य किए जा रहे है।

राजेन्द्र गहलोत, प्रधानाचार्य

बोर्ड परिणाम में निरंतर सुधार

वर्ष मेरिट में स्थान 10वीं का परिणाम 12वी का परिणाम

  • 2020-21 5 100 % 100%
  • 2021-22 3 82.00% 100%
  • 2022-23 3 91.98 % 100%
  • 2023-24 2 91.28% 100%
  • 2024-25 3 92.16% 100%