फसल मुआवजा जन अधिकार आंदोलन 19 को
अतिवृष्टि से परेशान किसानों को फसल मुआवजा दिलाने और पांच सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेस 19 सितम्बर को फसल मुआवजा जन अधिकार आंदोलन करेगी। आंदोलन की शुरुआत सुबह 10 बजे अहिंसा सर्कल स्थित खटीक छात्रावास में जनसभा के साथ होगी। इसमें प्रदेश स्तर के बड़े नेता भी शामिल होंगे। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर ने सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि अगर आंदोलन में लाठी या गोली भी चले, तब भी हम पीछे नहीं हटेंगे। किसानों का हक हर हाल में लेकर रहेंगे।
गुर्जर ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष का 100 करोड़ से अधिक का फसल मुआवजा अब तक किसानों को नहीं मिला है। इस साल भी जिले की शत-प्रतिशत फसलें खराब हो चुकी हैं, लेकिन सरकार अब तक मुआवजे की घोषणा नहीं कर रही है।
सरकार व प्रशासन पर भेदभाव का आरोप
गुर्जर ने कहा कि जिले में राजनीतिक भेदभाव करते हुए कांग्रेस से जुड़े सरपंचों को निलंबित कर दिया गया। न्यायालय से स्टे मिलने के बावजूद अधिकारी उन्हें कार्यभार नहीं दिला रहे। उन्होंने कहा कि पंचायतों के पुनर्गठन में भी मनमाना परिसीमन कर नियमों की अनदेखी हुई है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने कहा कि भीलवाड़ा शहर की प्रमुख समस्या यातायात की है। एलिवेटेड रोड और आरओबी वर्षों से अधर में लटके हैं। न्यायालय में रोक लगाकर समाधान टाल दिया जाता है, जबकि जनता परेशान है। त्रिपाठी ने कहा कि सीवरेज कार्य कांग्रेस सरकार के समय शुरू हुआ था। अगर उस समय कोई गलती हुई है तो हम उसे स्वीकारते हैं और उसमें सुधार करेंगे।
ये नेता उपस्थित थे
इस अवसर पर पूर्व विधायक गायत्री त्रिवेदी, छोगालाल गुर्जर, अनिल डांगी, नरेंद्र रैगर, जीपी खटीक, पीसीसी सदस्य याकूब मोहम्मद, राजेश चौधरी, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष धर्मेन्द्र पारीक, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष रेखा हिरण और सेवादल के योगेश सोनी मौजूद रहे।