प्रदेश में खनन माफिया का दुस्साहस बढ़ता जा रहा है। सावर में होमगार्ड की हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ थी कि ब्यावर जिले के अतीतमंड गांव में खनन विभाग की ड्रोन सर्वे टीम पर जानलेवा हमला हो गया। इससे आक्रोशित खान एवं भू-विज्ञान विभाग के तकनीकी कर्मचारी सोमवार को सामूहिक अवकाश पर […]
प्रदेश में खनन माफिया का दुस्साहस बढ़ता जा रहा है। सावर में होमगार्ड की हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ थी कि ब्यावर जिले के अतीतमंड गांव में खनन विभाग की ड्रोन सर्वे टीम पर जानलेवा हमला हो गया। इससे आक्रोशित खान एवं भू-विज्ञान विभाग के तकनीकी कर्मचारी सोमवार को सामूहिक अवकाश पर रहे। उनके समर्थन में विभाग के समस्त कार्मिकों ने पूरे दिन कार्य बहिष्कार कर हड़ताल रखी। भीलवाड़ा, गंगापुर, बिजौलियां, चित्तौड़गढ़ तथा निम्बाहेड़ा में तकनीकि कर्मचारियों ने काम नहीं किया।
वारदात 27 जनवरी की है, जब ब्यावर की टीम अतीतमंड में ड्रोन सर्वे के लिए पहुंची। सर्वे शुरू होते ही निवर्तमान सरपंच दुश्यंत सिंह और उनके साथियों ने टीम को घेर लिया। गाली-गलौज के बाद टीम पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में महिला फोरमैन अनीता मीरचंदानी और इंजीनियर प्रितेश घायल हो गए। इंजीनियर प्रितेश को गंभीर चोटें आई हैं। उपद्रवियों ने सरकारी जीप, निजी वाहन और ड्रोन को भी तोड़ दिया। कर्मचारी किसी तरह जान बचाकर वहां से भागे।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह हमला सोची-समझी साजिश थी। माफिया नहीं चाहते थे कि ड्रोन सर्वे में उनके अवैध खनन के काले कारनामे कैद हों, इसलिए उन्होंने टीम पर हमला किया।
घटनाक्रम के विरोध में सोमवार को खान एवं भू-विज्ञान विभाग तकनीकी कर्मचारी संघ ने प्रमुख शासन सचिव और निदेशक को ज्ञापन सौंपा। संघ ने चेतावनी दी है कि अगर फील्ड स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई तो पूरे राजस्थान में उग्र आंदोलन होगा।
फील्ड में जाने वाले कर्मचारियों को प्राथमिकता से शस्त्र लाइसेंस जारी किए जाएं। ब्यावर और सावर की घटनाओं के दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई हो। माइंस फोरमैन या सर्वेयर का पदनाम बदलकर माइनिंग इंस्पेक्टर किया जाए। हर खनन कार्यालय में कम से कम 2-3 वाहन उपलब्ध हों। माइंस गार्ड की भर्ती प्रक्रिया पुनः शुरू की जाए। फील्ड स्टाफ के लिए 'कठिन कर्तव्य भत्ता लागू हो। गंभीर मामलों में जांच अधिकारी अधीक्षण खनिज अभियंता स्तर का ही नियुक्त हो।