भीलवाड़ा

शिक्षा विभाग की जिला रैंकिंग जारी: करौली ने मारी बाजी, नागौर-बारां सबसे फिसड्डी

सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर और व्यवस्थाओं को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने मार्च 2026 की संयुक्त जिला रैंकिंग जारी कर दी है। शाला दर्पण पोर्टल के 5 अप्रेल तक के आंकड़ों के आधार पर तैयार रिपोर्ट कार्ड में करौली जिले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, […]

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Apr 10, 2026
शिक्षा विभाग की जिला रैंकिंग जारी: करौली ने मारी बाजी, नागौर-बारां सबसे फिसड्डी

सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर और व्यवस्थाओं को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने मार्च 2026 की संयुक्त जिला रैंकिंग जारी कर दी है। शाला दर्पण पोर्टल के 5 अप्रेल तक के आंकड़ों के आधार पर तैयार रिपोर्ट कार्ड में करौली जिले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, शिक्षा के इस मीटर पर नागौर, बारां और सिरोही की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई है, जो रैंकिंग में सबसे निचले पायदान पर रहे हैं।

औसत दर्जे का रहा भीलवाड़ा

टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा का प्रदर्शन शिक्षा विभाग की इस रैंकिंग में औसत दर्जे का ही रहा है। जिले को 28 अंकों के साथ प्रदेश में 19वां स्थान संतोष करना पड़ा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि जिले का स्कोर राज्य के औसत स्कोर (27.83) से मामूली रूप से ऊपर है। टॉप-10 में जगह बनाने के लिए जिले के शिक्षा अधिकारियों, संस्था प्रधानों और शिक्षकों को अकादमिक सुधार और गवर्नेंस के मोर्चे पर अभी काफी पसीना बहाना होगा।

यह है प्रदेश के जिलों का रिपोर्ट कार्ड

रैंकिंग में प्रदेश का औसत स्कोर 27.83 रहा है। टॉप-5 में पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के जिलों का दबदबा देखने को मिला है।

  • करौली- 51.00
  • डूंगरपुर- 42.00
  • सवाई माधोपुर - 39.00
  • हनुमानगढ़ - 34.00
  • झुंझुनूं - 32.00

सबसे निचले पायदान वाले 5 जिले

  • 41. नागौर - 19.00
  • 40. बारां - 19.00
  • 39. सिरोही - 20.00
  • 38. जोधपुर - 22.00
  • 37. प्रतापगढ़ - 22.00

इन 12 पैमानों पर परखे गए जिले

यह रैंकिंग अकादमिक, गवर्नेंस और राज्य की प्राथमिकताओं से जुड़े 12 मुख्य पैमानों पर तैयार की गई है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं। छात्रों की उपस्थिति, सीबीए और ओआरएफ परिणाम, बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे, टेक्स्टबुक-वर्कबुक की जांच, एबीएल किट का उपयोग, होमवर्क और 'मिशन स्टार्ट' टाइमटेबल। अधिकारियों की ओर से स्कूलों का निरीक्षण और शिक्षक ऐप पर शिक्षकों की सक्रियता। शाला स्वास्थ्य सर्वेक्षण और स्कूलों में उपयोग योग्य शौचालय व पेयजल की उपलब्धता। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने रैंकिंग में अंतिम तीन स्थानों पर रहे जिलों नागौर, बारां, सिरोही को सुधार के लिए सख्त हिदायत दी है। निदेशालय ने इन जिलों के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर सघन मॉनिटरिंग करने और अगले महीने की रैंकिंग में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए हैं।

जिले में बदनोर अव्वल, कोटड़ी सबसे पीछे

भीलवाड़ा जिले के 14 ब्लॉकों की राज्य स्तरीय रैंकिंग में बदनोर ब्लॉक 36.00 स्कोर और राज्य में 85वीं रैंक के साथ जिले में प्रथम स्थान पर है। हुरड़ा दूसरे स्थान पर है। इसके विपरीत कोटड़ी 16.00 अंकों के साथ प्रदेश में 366वें पायदान पर खिसक गया है। रायपुर और मांडलगढ़ ब्लॉकों को भी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कड़ी मेहनत करने की जरूरत है।

भीलवाड़ा के ब्लॉकों की स्थिति

  • 85 बदनोर 36.00
  • 115 हुरडा 34.00
  • 179 बनेड़ा 29.00
  • 180 जहाजपुर 29.00
  • 181 बिजोलिया 29.00
  • 212 मांडल 28.00
  • 213 शाहपुरा 28.00
  • 261 आसीन्द 26.00
  • 285 करेड़ा 24.00
  • 294 सहाड़ा 23.00
  • 295 सुवाणा 23.00
  • 313 मांडलगढ़ 22.00
  • 343 रायपुर 19.00
  • 366 कोटड़ी 16.00
Published on:
10 Apr 2026 08:37 am
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