प्रारम्भिक शिक्षा विभाग ने सरकारी धन और संपत्ति के दुरुपयोग, गबन और चोरी के मामलों पर सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग ने प्रदेश के सभी शिक्षा अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में अब किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और वित्त विभाग के नियमों के […]
प्रारम्भिक शिक्षा विभाग ने सरकारी धन और संपत्ति के दुरुपयोग, गबन और चोरी के मामलों पर सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग ने प्रदेश के सभी शिक्षा अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में अब किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और वित्त विभाग के नियमों के तहत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेशों के अनुसार सभी संयुक्त निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) और डाइट प्रधानाचार्यों को पाबंद किया गया है कि वे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में त्वरित एक्शन लें।
विभाग के वित्तीय सलाहकार की ओर से जारी पत्र में राजस्थान सरकार के वित्त (अंकेक्षण) विभाग की ओर से 16 जनवरी 2026 को जारी परिपत्र का विशेष उल्लेख किया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी संपत्ति के गबन, चोरी या हानि के प्रकरणों में वित्त विभाग की ओर से तय की गई गाइडलाइन की 'अक्षरशः पालना' की जानी चाहिए।