ग्राम पंचायतों को निर्देश: अतिक्रमण हटाएं, चरागाह विकास को दें गति अब हर पंचायत में बनेगी चरागाह समिति, सर्वे कर अतिक्रमण हटाया जाएगा
राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में चरागाह भूमि पर लगातार हो रहे अतिक्रमण को लेकर पंचायती राज विभाग सख्त हो गया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायतें चरागाह भूमि पर से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं और संबंधित समितियों को सक्रिय करें। भीलवाड़ा जिले में कई ग्राम पंचायते ऐसी है जहां चरागाह पर अतिक्रमण होने के साथ उस क्षेत्र में खनन तक हो रहा है। लेकिन जिला प्रशासन इस मामले में लंबे समय से चुप्पी साधे हुए है। पंचायत राज विभाग के उपायुक्त एवं उपशासन सचिव प्रथम इंद्रजीत सिंह ने आदेश में बताया गया है कि कई ग्राम पंचायतें अभी भी चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही हैं, जो नियमों के खिलाफ है।
समितियों का गठन अनिवार्य
राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 170 के अनुसार, हर ग्राम पंचायत में चरागाह विकास के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन अनिवार्य है। इस समिति की अध्यक्षता संबंधित वार्ड पंच करेगा, जबकि चार सदस्य ग्राम सभा द्वारा निर्वाचित किए जाएंगे। यह समिति चरागाह भूमि के संरक्षण, विकास और अतिक्रमण रोकने के लिए उत्तरदायी होगी।
अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया स्पष्ट
विभाग ने नियम 165 का हवाला देते हुए पंचायतों को जनवरी और जुलाई में चरागाह, आबादी भूमि व तालाबों पर अतिक्रमण सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की विधिवत प्रक्रिया अपनाते हुए नोटिस, निषेधाज्ञा, बेदखली और पुलिस सहयोग लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिला स्तर पर बनेगी निगरानी समिति
चरागाह विकास योजनाओं की समीक्षा और समन्वयन के लिए जिला प्रमुख की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बंजर भूमि एवं चरागाह विकास समिति का गठन किया गया है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इस समिति के नोडल अधिकारी होंगे।
10 सर्वाधिक अतिक्रमित पंचायतों की सूची मांगी
विभाग ने सभी जिलों से सबसे अधिक चरागाह अतिक्रमण वाली 10 ग्राम पंचायतों की सूची मांगी है। इसमें खसरा संख्या, अतिक्रमित क्षेत्रफल और अन्य विवरण शामिल हों।
शपथ पत्र लेना अनिवार्य
यदि किसी ग्राम पंचायत की ओर से अभी तक समिति गठित नहीं की गई है तो तत्काल गठन कर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्राम विकास अधिकारी से शपथ पत्र लेकर यह भी दर्ज किया जाए कि अतिक्रमण सर्वे किया गया है तथा कार्यवाही प्रारंभ हो चुकी है।
विभाग करेगा निगरानी
पूर्व में 3 जनवरी 2025 को भी इस आशय का निर्देश जारी किया जा चुका है। लेकिन इसकी पालना नहीं हो पाई थी। अब यह आदेश जारी कर सुनिश्चित करने के साथ विभाग को नियमित रूप से कार्यवाही से अवगत कराने के लिए कहा गया है।