सीबीईओ ने किया सुवाणा ब्लॉक के स्कूलों का निरीक्षण
भीलवाड़ा जिले में चल रहे प्रवेशोत्सव कार्यक्रम को लेकर शिक्षा विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। ड्रॉपआउट और अनामांकित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षक घर-घर दस्तक दे रहे हैं। सुवाणा ब्लॉक के सीबीईओ रामेश्वर जीनगर ने राउमावि जोधड़ास और राबाउमावि गुलमंडी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जोधड़ास में शिक्षक-शिक्षिकाएं फील्ड में सर्वे करते हुए पाए गए। जीनगर ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे ऑफलाइन सर्वे तक सीमित न रहें, बल्कि ऐप पर प्रतिदिन ऑनलाइन डेटा फीड करना सुनिश्चित करें। क्षेत्र का कोई भी पात्र विधार्थी स्कूल में प्रवेश से वंचित नहीं रहना चाहिए।
जोधड़ास स्कूल में तीन विद्यार्थियों ने निजी विद्यालय छोड़कर सरकारी विद्यालय में प्रवेश लिया। जीनगर ने इनका तिलक लगाकर और गुड़ खिलाकर स्वागत किया। पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं। इससे नए छात्रों के चेहरों पर खासा उत्साह देखने को मिला।
गुलमंडी स्कूल की प्रधानाचार्या सुनीता जीनगर के नेतृत्व में चल रहे अभियान का सीबीईओ ने जायजा लिया। वार्ड 39 स्थित शिव मंदिर वाली गली और मस्जिद के पीछे शिक्षकों की ओर से किए जा रहे सर्वे का अधिकारियों ने अवलोकन किया। प्राध्यापक स्नेहलता पारीक के कार्य की सराहना की गई। अब तक 64 अनामांकित विद्यार्थियों का सर्वे कर ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया। प्रधानाचार्या सुनीता जीनगर ने बताया कि विभागीय निर्देशों के तहत कार्ययोजना बनाकर स्टाफ का मार्गदर्शन कर रहे ताकि शत-प्रतिशत नामांकन हो सके।
बापूनगर स्थित पीएमश्री विद्यालय में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम हुआ। भामाशाह गुणवंत जैन तथा कक्षा 8 में प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की ओर से सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्वलन कर किया। नई कक्षा में प्रवेश की अनुभूति को लेकर बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया। सभी नव प्रवेशित विद्यार्थियों को तिलक कर, पुष्प भेंट करते हुए पेन-पेंसिल उपहार स्वरूप देकर विद्यालय परिवार में स्वागत किया गया। सारिका चतुर्वेदी ने बताया कि अपने नजदीक के सरकारी विद्यालय के लिए सभी समर्थवान एवं गणमान्य जन को आगे आना चाहिए, जिससे समाज के हर वर्ग के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा मिल सके। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए नव प्रवेशित विद्यार्थियों के अभिभावकों को आमंत्रित कर पौधारोपण किया गया और इस प्रकार हरितसत्र की भावना के साथ नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत की गई।