- 4 मई तक नहीं किए अपलोड तो अटक जाएगा परिणाम
प्रदेश की सरकारी और निजी विद्यालयों के संस्था प्रधानों की लापरवाही का खामियाजा नौनिहालों को भुगतना पड़ सकता है। प्रदेश में पांचवीं बोर्ड परीक्षा समाप्त हो चुकी है। अब परिणाम जारी करने की तैयारी की जा रही है, लेकिन हजारों परीक्षार्थियों के सत्रांक शाला दर्पण के माध्यम से ऑनलाइन अपलोड नहीं हुए हैं। ऐसे में उनके परीक्षा परिणाम अटक सकते है। हालांकि शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी डाइट अधिकारियों को निर्देश दिए है कि 4 जून की रात 12 बजे से पहले सभी छात्रों के सत्रांक को शाला दर्पण पर अपलोड करें। ऐसा नहीं करने वाले संस्था प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डाइट प्राचार्याें का कहना है कि कई स्थानों पर शाला दर्पण काम नहीं कर रहा है तो कुछ जिलों में नेट की समस्या के चलते छात्रों के सत्रांक अपलोड नहीं हो पा रहे। प्रदेश की कई सरकारी व निजी विद्यालयों के संस्था प्रधान भी इस पर ध्यान नहीं दे रहे है। उनका मानना है कि अभी अन्य कक्षाओं की परीक्षाएं चल रही है। परीक्षा समाप्त होने के बाद ही इस काम में गति आ सकती है। सत्रांक अपलोड नहीं करने की यह स्थिति भीलवाड़ा जिले के अलावा प्रदेश के हर जिले की बनी हुई है। इसके चलते शिक्षा विभागीय परीक्षाएं पंजीयक बीकानेर ने सभी को एक मौका ओर देेते हुए इसकी अवधि 4 मई तक के लिए बढ़ाई है। इसके बाद भी डाटा अपलोड नहीं होने पर परीक्षा परिणाम रोके जा सकते हैं।
प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन (कक्षा-5) 2025 की परीक्षा समाप्त हो चुकी हैं और जल्द ही इनका परिणाम जारी होने वाला है। इसके लिए पोर्टल पर सत्रांक भरने का कार्य चल रहा है। 28 अप्रेल को सत्रांक इंद्राज करने की अंतिम तिथि थी, लेकिन हजारों बच्चों के सत्रांकों का इंद्राज पोर्टल पर विद्यालय की तरफ से नहीं किया गया। इसके कारण उनका परिणाम अटक सकता है।
4 मई तक का बढ़ाई अवधि
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को अपने अधीनस्थ सत्रांक नहीं भरने वाले राजकीय व निजी विद्यालयों को पाबंद कर कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। सत्रांक इंद्राज की तिथि फिलहाल 4 मई तक बढ़ाई है। नेट की समस्या के चलते इस काम में देरी हुई है। अवधि बढ़ाने के आदेश सोमवार को ही मिले हैं।
- सत्यनारायण नागर, डाइट प्राचार्य, शाहपुरा