प्रदेश में पिछली सरकार के कार्यकाल विगत 5 वर्षों में शिक्षा विभाग में हुई भर्तियों पर मौजूदा सरकार ने शिकंजा कस दिया है। विधानसभा सत्र के दौरान उठने वाले सवालों का जवाब देने के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। निदेशालय ने एक अति-आवश्यक परिपत्र जारी कर […]
प्रदेश में पिछली सरकार के कार्यकाल विगत 5 वर्षों में शिक्षा विभाग में हुई भर्तियों पर मौजूदा सरकार ने शिकंजा कस दिया है। विधानसभा सत्र के दौरान उठने वाले सवालों का जवाब देने के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
निदेशालय ने एक अति-आवश्यक परिपत्र जारी कर सभी संयुक्त निदेशकों से पिछले 5 साल में भर्ती हुए उन सभी कर्मचारियों की सूची तत्काल प्रभाव से तलब की है, जिनका सत्यापन संदिग्ध मानते हुए या रूटीन प्रक्रिया के तहत किया गया है।
दरअसल, विधानसभा अनुभाग से एक अनौपचारिक टिप्पणी प्राप्त हुई है। इसमें पूछा गया है कि विगत सरकार के कार्यकाल में दी गई नियुक्तियों की जांच की जा रही है? यदि हां, तो किस-किस विभाग में किन-किन कार्मिकों का, कब-कब सत्यापन किया गया? इस सवाल का जवाब तैयार करने के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक कार्यालय ने सभी संभागों से एक्सेल शीट में डेटा मांगा है।
विभाग को शक है कि कई जगहों पर असली अभ्यर्थी की जगह डमी कैंडिडेट ने परीक्षा दी और नौकरी असली अभ्यर्थी कर रहा है। इसलिए जांच कमेटियां इन बिन्दुओं पर फोकस कर रही हैं। परीक्षा देने वाला और नौकरी करने वाला व्यक्ति एक ही है या नहीं? आवेदन पत्र के समय दी गई फोटो, हस्ताक्षर और वर्तमान कर्मचारी की फोटो व लिखावट की फोरेंसिक जांच। डिग्रियों और मार्कशीट की वैधता। इस सवाल को लेकर अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। निदेशालय ने यह सूचना अविलम्ब मांगी है। इसमें भर्ती का वर्ष, कार्मिक का नाम, जन्म दिनांक, पद, पदस्थापन स्थान और सत्यापन की तारीख का ब्यौरा देना होगा।