भीलवाड़ा

वित्तीय स्वीकृति अटकी: प्रदेश के 18 हजार स्कूलों के 113 करोड़ रुपए फंसे, 31 मार्च तक करना है खर्च

रामनवमी पर भी खुले रहे शिक्षा विभाग के दफ्तर, शाम तक इंतजार के बाद भी नहीं आए वित्तीय आदेश

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Mar 27, 2026
वित्तीय स्वीकृति अटकी: प्रदेश के 18 हजार स्कूलों के 113 करोड़ रुपए फंसे, 31 मार्च तक करना है खर्च

प्रदेश के सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए मंजूर 'कंपोजिट स्कूल ग्रांट 2025-26' फिलहाल फाइलों के जाल में उलझी हुई है। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने ग्रांट की प्रशासनिक स्वीकृति तो जारी कर दी है, लेकिन वित्तीय स्वीकृति का पेच फंसने से 113 करोड़ 2 लाख 30 हजार रुपए का भारी-भरकम बजट अटका हुआ है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब केवल 5 दिन शेष हैं। प्रदेश के 18,799 स्कूलों को 31 मार्च तक न सिर्फ इस राशि का उपयोग करना है, बल्कि उसका समायोजन भी पूरा करना है। समय की कमी ने संस्था प्रधानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने गुरुवार को ही राज्य को बजट जारी किया है, जिसमें भीलवाड़ा व ब्यावर की 660 स्कूलों के लिए 431.70 लाख रुपए का प्रावधान है।

अवकाश के दिन भी दफ्तरों में रही हड़बड़ी

बजट जारी करने के दबाव का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दुर्गाष्टमी और रामनवमी के सार्वजनिक अवकाश के बावजूद प्रदेशभर के शिक्षा कार्यालय खुले रहे। अधिकारी और कर्मचारी दिनभर दफ्तरों में डटे रहे, लेकिन शाम ढलने तक वित्तीय स्वीकृति के आदेश जारी नहीं हो सके। नए-पुराने जिलों का सामंजस्य: कैसे पहुँचेगा पैसा?नए जिलों के गठन के बाद शिक्षा विभाग ने भौगोलिक सामंजस्य को ध्यान में रखते हुए बजट आवंटन की रूपरेखा बनाई है। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की वार्षिक कार्य योजना के तहत अनुमोदित यह राशि जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से ब्लॉक कार्यालयों को भेजी जाएगी, जहां से यह सीधे स्कूलों के खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर होगी।

जल्द जारी होगी स्वीकृति

मेरे पास स्कूल शिक्षा परिषद के प्रोजेक्ट निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार है। जो फाइलें आ रही हैं, उनकी वित्तीय स्वीकृति जारी की जा रही है। कुछ बजट केंद्र से आज ही मिला है, जो भी फाइल बकाया है उसकी स्वीकृति जल्द जारी कर दी जाएगी।"

महेन्द्र खींची, कार्यवाहक परियोजना अधिकारी, स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर

प्रदेश के 33 जिलों के स्कूलों की स्थिति

  • जिला स्कूल बजट (लाखों में)
  • अजमेर-ब्यावर 651 420.55
  • अलवर-खैरथल-तिजारा 980 553.15
  • बाड़मेर-बालोतरा 1126 703.80
  • भरतपुर-डीग 654 389.15
  • भीलवाड़ा-ब्यावर 660 431.70
  • जयपुर-कोटपुतली-बहरोड़ 1188 658.80
  • जैसलमेर-फलौदी 299 170.60
  • जोधपुर-फलौदी 960 570.50
  • नागौर-डीडवाना-कुचामन 992 552.05
  • पाली -ब्यावर 572 345.80
  • राजसमंद-ब्यावर 421 255.35
  • उदयपुर-सलूम्बर 911 591.50
  • बांसवाड़ा 541 373.50
  • बारां 345 204.00
  • बीकानेर 661 403.15
  • बूंदी 303 198.70
  • चित्तौड़गढ़ 460 271.45
  • चूरू 631 358.35
  • दौसा 463 265.70
  • धौलपुर 338 223.95
  • डूंगरपुर 478 320.20
  • गंगानगर 537 312.90
  • हनुमानगढ़ 466 272.10
  • जालौर 489 327.35
  • झालावाड़ 344 222.25
  • झुंझुनूं 580 270.35
  • करौली 398 232.55
  • कोटा 333 210.00
  • प्रतापगढ़ 285 188.75
  • सवाई माधोपुर 350 214.10
  • सीकर 711 372.05
  • सिरोही 289 195.25
  • टोंक 383 222.70
  • कुल 18,799 11,302.30
Updated on:
27 Mar 2026 09:03 am
Published on:
27 Mar 2026 09:02 am
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