बुलियन में भूचाल: चांदी 27 और सोना 12 प्रतिशत टूटा, एमसीएक्स पर लगा सर्किट एक दिन में चांदी 1 लाख 28 हजार 126 रुपए व सोना 44 हजार 21 रुपए टूटा कीमती धातुओं की रेकॉर्डतोड़ तेजी पर शुक्रवार को अचानक ऐसा ब्रेक लगा कि पूरा सर्राफा बाजार हिल गया। गुरुवार रात तक मुनाफे के सपने […]
कीमती धातुओं की रेकॉर्डतोड़ तेजी पर शुक्रवार को अचानक ऐसा ब्रेक लगा कि पूरा सर्राफा बाजार हिल गया। गुरुवार रात तक मुनाफे के सपने देख रहे निवेशकों के लिए शुक्रवार की सुबह 'ब्लैकफ्राइडे' साबित हुई। एमसीएक्स और हाजिर बाजार में भारी बिकवाली के चलते चांदी करीब 27 प्रतिशत और सोना 12 प्रतिशत तक टूट गया। इस महा-गिरावट ने भीलवाड़ा के उन निवेशकों को 100 करोड़ रुपए से अधिक का तगड़ा झटका दिया है, जिन्होंने 5 लाख रुपए के पार जाने की उम्मीद में रेकॉर्ड ऊंचाइयों पर चांदी की खरीदारी कर रखी थी। वहीं, हाजिर बाजार में व्यापारियों को भी 20 से 25 करोड़ की चपत लगी है। हालात ये हो गए कि घबराहट में व्यापारियों ने खरीद-फरोख्त ही बंद कर दी। दोपहर में एमसीएक्स पर गिरावट इतनी तेज थी कि सर्किट लग गया और करीब 25 मिनट तक कोई कारोबार नहीं हो सका।
अर्श से फर्श पर भाव गिरावट की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एमसीएक्स पर चांदी का मार्च फ्यूचर, जो गुरुवार को 4,20,048 रुपए प्रति किलो के ऐतिहासिक शिखर पर था, वह शुक्रवार को 27 प्रतिशत टूटकर 2,91,922 रुपए के निचले स्तर पर आ गया। यानी एक दिन में 1 लाख 28 हजार 126 रुपए की भारी गिरावट आई है। यही हाल सोने का रहा। गुरुवार को 1,93,096 रुपए प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड बनाने वाला सोना शुक्रवार को 12 प्रतिशत लुढ़ककर 1,49,075 रुपए पर आ गया। यानी सोने में 44 हजार 21 रुपए प्रति दस ग्राम की गिरावट आई है। वही भीलवाड़ा सर्राफा बाजार में चांदी के भाव 3 लाख 06 हजार रुपए प्रति किलोग्राम तथा सोना 1 लाख 50 हजार रुपए प्रति दस ग्राम के भाव बोले गए।
व्यापारियों के अनुसार, इस गिरावट का मुख्य केंद्र अमरीका है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई आर्थिक घोषणाओं और डॉलर के मजबूत होने (91.915 का स्तर) से बुलियन मार्केट की चमक फीकी पड़ गई। डॉलर की मजबूती ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी के आकर्षण को कम कर दिया। साथ ही, ऊंचे स्तरों पर हुई भारी मुनाफा वसूली ने आग में घी का काम किया।
गिरावट का असर स्थानीय सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखा। जैसे ही स्क्रीन पर लाल निशान गहराए, व्यापारियों ने माल बेचना और खरीदना बंद कर दिया। सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि अस्थिरता इतनी ज्यादा थी कि भाव तय करना मुश्किल हो गया था, जिससे बाजार में सन्नाटा पसर गया।