भीलवाड़ा

पाताल में सीधे पहुंचेगा करोड़ों लीटर पानी

- डार्क जोन बने जिले में बारिश का पानी जमीन में उतारने की पहल - दो करोड़ की योजना को कलक्टर ने दी मंजूरी

2 min read
Dec 18, 2025
Millions of liters of water will go straight to the underworld.

राजस्थान में लगातार गिरते भूजल स्तर के बीच भीलवाड़ा जिले में जल संकट की तस्वीर सबसे ज्यादा चिंताजनक होती जा रही है। अत्यधिक दोहन के कारण जिले का भूजल स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है। भूजल विभाग की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में भीलवाड़ा का एक भी ब्लॉक जल के लिहाज से सुरक्षित नहीं रहा और जिले के सभी ब्लॉक अतिदोहित श्रेणी में आ गए हैं। हालात यह हैं कि जिले का भूजल दोहन 150 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। इससे पूरा जिला डार्क जोन घोषित स्थिति में है। भविष्य के बढ़ते जल संकट को देखते हुए अब जिला परिषद ने बारिश के पानी को संरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने का निर्णय किया है। इसके तहत जिले में 100 वाटर रिचार्ज शाफ्ट लगाए जाएंगे, ताकि बरसात के दौरान व्यर्थ बह जाने वाले पानी को सीधे भूगर्भ में पहुंचाया जा सके और आने वाले वर्षों के लिए जलस्तर को संभाला जा सके।

भाप बनकर उड़ने वाले पानी की होगी बचत

जिला परिषद के अधिकारियों का कहना है कि नाड़ी, तालाब और अन्य जलाशयों में एकत्र बारिश का पानी करीब तीन फीट तक भाप बनकर उड़ जाता है। यदि यही पानी भूगर्भ में पहुंचा दिया जाए, तो वर्षों तक इसका उपयोग संभव है। इसी सोच के साथ सभी पंचायत समितियों में 11-11 रिचार्ज शाफ्ट लगाने की कार्य योजना तैयार की गई है, हालांकि कुल मिलाकर जिले में 100 रिचार्ज शाफ्ट स्थापित किए जाएंगे।

एक करोड़ लीटर पानी तक रिचार्ज होगा

विशेष रूप से डिजाइन किए गए इन वाटर रिचार्ज शाफ्ट की क्षमता एक करोड़ लीटर तक पानी जमीन में पहुंचाने की है। इनकी संरचना ऐसी है कि कचरा, मिट्टी और कंकर नीचे जाने से पहले ही छंट जाते हैं। शाफ्ट को जमीन की स्थिति के अनुसार 3 मीटर से लेकर 50 मीटर तक, और कुछ स्थानों पर बोरवेल की तरह 300 फीट तक गहराई में स्थापित किया जाएगा। ऊपर का घेरा करीब डेढ़ मीटर चौड़ा होगा, जबकि आठ इंच के पाइप के माध्यम से पानी भूगर्भ में जाएगा।

2 करोड़ की लागत, मानसून से पहले काम

यह योजना जल जीवन मिशन के तहत केन्द्र सरकार से प्राप्त 2 करोड़ रुपए की राशि से क्रियान्वित की जाएगी। एक रिचार्ज शाफ्ट पर औसतन करीब डेढ़ लाख रुपए खर्च होंगे। उद्देश्य यह है कि तालाबों और जलाशयों में आने वाला पानी व्यर्थ बहने के बजाय रिचार्ज शाफ्ट के जरिए जमीन में समा सके।

बारिश में चला जाता लाखों लीटर पानी बेकार

भूजल विभाग का मानना है कि हर साल बारिश के दौरान लाखों लीटर पानी बेकार चला जाता है। यदि इसे सही तरीके से संरक्षित किया जाए, तो भूजल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जिला परिषद ने 100 रिचार्ज शाफ्ट लगाने की विस्तृत कार्य योजना तैयार कर ली है, जिसे जिला कलक्टर की मंजूरी भी मिल चुकी है। अब जल्द ही सभी पंचायत समितियों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे, ताकि मानसून से पहले काम शुरू किया जा सके।

भीलवाड़ा के लिए अहम कदम

यह पहल भीलवाड़ा जिले में गिरते भूजल स्तर को संभालने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।इसके प्रयास शुरू कर दिए गए है।

गोपाल टेलर, अधिशासी अभियंता जिला परिषद भीलवाड़ा

Published on:
18 Dec 2025 09:23 am
Also Read
View All

अगली खबर