सिद्ध चक्र मण्डल विधान के पांचवें दिन 16 स्वप्नों का सजीव मंचन भीलवाड़ा आरके कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित श्रीसिद्ध चक्र मण्डल विधान पूजन के पांचवें दिन शनिवार को आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। पूरा मंदिर प्रांगण मानों ‘अयोध्या दरबार’ में तब्दील हो गया। पूजन के दौरान 12 वर्षीय बालक […]
सिद्ध चक्र मण्डल विधान के पांचवें दिन 16 स्वप्नों का सजीव मंचन
भीलवाड़ा आरके कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित श्रीसिद्ध चक्र मण्डल विधान पूजन के पांचवें दिन शनिवार को आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। पूरा मंदिर प्रांगण मानों 'अयोध्या दरबार' में तब्दील हो गया। पूजन के दौरान 12 वर्षीय बालक सिद्धम सेठी को आदिनाथ भगवान का प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, वहीं महावीर-विशाल सेठी ने शांतिधारा की।
262 अर्घ्य किए समर्पित, पंचमहाव्रत की आराधना
विधान पूजन के तहत सातवें वलय की पूजा में विशेष उत्साह देखा गया। इस दौरान 262 अर्घ्य चढ़ाकर पंचमहाव्रत का पालन कर सिद्ध हुए आचार्य, उपाध्याय एवं साधु पद के चैतन्य गुणों से लेकर साधु रत्नत्रय युताय तक के गुणों की असीम श्रद्धा के साथ आराधना की गई।
जीवंत हो उठे 16 स्वप्न, पारंपरिक रीति से हुई गोद भराई
सहसंयोजक महावीर सेठी ने बताया कि पंडित जयकुमार के निर्देशन में पूजन के मध्य कई मनमोहक और भावपूर्ण प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया। भगवान आदिनाथ की माता मरुदेवी को गर्भावस्था से पूर्व आए सोलह स्वप्न और पिता नाभिराय की ओर से उन स्वप्नों के फल की जिज्ञासा का मंचन बेहद आकर्षक रहा। माता मरुदेवी की भूमिका निभा रही सुमन सेठी की श्रावक-श्राविकाओं ने गाजे-बाजे के साथ पारंपरिक रीति से गोद भराई की रस्म अदा की।
आरती से हुआ सांध्यकालीन समापन
सायंकाल में भक्तामर आरती ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। आरती के पश्चात सौधर्म इन्द्र बने अजय-नीना पंचौली एवं भगवान के माता-पिता की भूमिका निभा रहे महेन्द्र-सुमन सेठी की ओर से विनतियों का आयोजन किया गया।