
माघ माह की गुप्त आराधना 10 से 18 फरवरी तक की जाएगी। वर्ष में कुल चार बार नवरात्र मनाई जाती है। माघ महीने में आने वाली गुप्त नवरात्र कहलाती है। गुप्त नवरात्र के दौरान 9 दिन तक दस महाविद्याओं की पूजा-अर्चना गुप्त तरीके से की जाती है। इसलिए इसे गुप्त नवरात्र कहते है। मां शक्ति के साधकों के साथ तंत्र साधना के लिए गुप्त नवरात्रि बहुत महत्वपूर्ण होती है। साधक गुप्त रूप से तंत्र-मंत्र की सिद्धि प्राप्त करते हैं।
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि यह नवरात्र माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को सुबह 4.28 बजे शुरू होगी। घटस्थापना मुहूर्त 10 फरवरी को सुबह 8.45 से सुबह 10.10 बजे तक रहेगा। इस दिन कलश स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.13 मिनट से दोपहर 12.58 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहेगा।
प्रकट हुई थीं 10 महाविद्या
व्यास ने बताया कि गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा की 10 महाविद्या प्रकट हुईं थीं। माघ गुप्त नवरात्र के दौरान देवी शक्ति के 32 अलग-अलग नामों का जाप, ‘दुर्गा सप्तशती’, ‘देवी महात्म्य’ और ‘श्रीमद्-देवी भागवत’ जैसे धार्मिक ग्रंथों का पाठ करने से सभी समस्याएं समाप्त होती हैं। जीवन में शांति प्राप्त होती है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्र में गई साधना जन्मकुंडली के समस्त दोषों को दूर करने वाली और धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष देने वाली होती है।