भीलवाड़ा के गुवारड़ी गांव में पुराने टायरों से ब्लैक ऑयल और कार्बन पाउडर बनाने वाली फैक्ट्री ‘क्वालिटी सूटिंग्स’ पर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने डंडा चला दिया है। ग्रामीणों के विरोध और चिमनी पर चढ़कर दी गई जान की परवाह न करने वाली चेतावनी के बाद, मंडल ने फैक्ट्री को अस्थायी रूप से बंद […]
भीलवाड़ा के गुवारड़ी गांव में पुराने टायरों से ब्लैक ऑयल और कार्बन पाउडर बनाने वाली फैक्ट्री 'क्वालिटी सूटिंग्स' पर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने डंडा चला दिया है। ग्रामीणों के विरोध और चिमनी पर चढ़कर दी गई जान की परवाह न करने वाली चेतावनी के बाद, मंडल ने फैक्ट्री को अस्थायी रूप से बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जब तक मानकों की शत-प्रतिशत अनुपालना और जांच रिपोर्ट संतोषजनक नहीं होगी, तब तक फैक्ट्री का संचालन पूरी तरह ठप रहेगा।
मामले की जड़ 12 दिसंबर की उस घटना में है, जब फैक्ट्री से निकलने वाली हाइड्रोकार्बन और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी अत्यधिक ज्वलनशील व जहरीली गैसों से परेशान होकर ग्रामीण जान जोखिम में डालकर चिमनी पर चढ़ गए थे। ग्रामीणों का आरोप था कि इस जहर से उनका सांस लेना दूभर हो गया है। क्षेत्रीय अधिकारी दीपक धनेटवाल के निर्देश पर जब टीम ने मौके का मुआयना किया, तो वहां कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इसी निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर मुख्यालय ने अब तालाबंदी के आदेश जारी किए हैं।
जिला कलक्टर के आदेश पर 14 जनवरी को एक संयुक्त कमेटी गठित की गई थी। इसने 21 जनवरी की शाम फैक्ट्री का बारीकी से निरीक्षण किया। फैक्ट्री संचालक मुमित जागेटिया का कहना है कि उन्होंने लाखों रुपए खर्च कर अत्याधुनिक उपकरण लगा लिए हैं और शिकायतों का समाधान कर दिया है, लेकिन अब ग्रामीण पूर्वाग्रह के चलते काम नहीं करने दे रहे।
बोर्ड के निर्देशों के तहत फैक्ट्री संचालक ने तकनीकी सुधार का काम तो पूरा कर लिया है, लेकिन अब ग्रामीण इस उद्योग के संचालन का ही विरोध कर रहे हैं। फिलहाल मानकों की पूरी जांच होने तक इकाई बंद रहेगी।
- दीपक धनेटवाल, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण मंडल