भीलवाड़ा

नैनो उर्वरक उपयोग महाअभियान : कोटड़ी में कार्यशाला आयोजित

विशेषज्ञ बोले: नैनो यूरिया और नैनो डीएपी से आधी होगी दानेदार खाद की जरूरत

less than 1 minute read
Sep 11, 2025
Nano fertilizer use campaign: Workshop organized in Kotri

भीलवाड़ा कृषि विभाग की ओर से नैनो उर्वरक उपयोग महाअभियान के तहत कोटड़ी में कृषि पर्यवेक्षकों व अधिकारियों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के लाभ बताते हुए किसानों को इनका प्रयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

फसल के लिए सुझाए गए प्रयोग

कार्यशाला में एपी सिंह ने बताया कि बीज उपचार 1 किलो बीज पर 5 मिली नैनो डीएपी का उपयोग करें। फसल 30-35 दिन की अवस्था में 4 मिली नैनो डीएपी प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। इसी तरह नैनो यूरिया 4 मिली प्रति लीटर पानी में घोलकर नैनो डीएपी के साथ एक साथ छिड़काव किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया से 50 प्रतिशत तक दानेदार डीएपी की बचत होती है।

किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

दानेदार खाद का उपयोग आधा हो जाएगा। नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का 90-95 प्रतिशत पौधों द्वारा उपयोग कर लिया जाता है। दानेदार खाद का केवल 30-40 प्रतिशत ही उपयोग होता है, शेष मृदा, जल व वायु को प्रदूषित करता है। नैनो उर्वरकों से प्रदूषण लगभग न के बराबर होगा। इन उत्पादों के साथ खरपतवार नाशक और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी आसानी से किया जा सकता है। सहायक निदेशक प्रकाश खटीक ने कहा कि नैनो उर्वरक भविष्य की जरूरत हैं। इनसे मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और किसानों की लागत भी घटेगी।

कार्यशाला में रहे शामिल

कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक कृषि विभाग विनोद कुमार जैन, ए.पी. सिंह, डॉ. प्रकाश खटीक सहित विभाग के 120 से अधिक कृषि पर्यवेक्षक, सहायक कृषि अधिकारी व कृषि अधिकारी मौजूद रहे। संचालन लालाराम चौधरी ने किया।

Published on:
11 Sept 2025 08:50 am
Also Read
View All

अगली खबर