जैन धर्म के छठे तीर्थंकर भगवान पद्म प्रभु का मोक्ष कल्याणक दिवस अत्यंत भक्तिभाव से मनाया गया। इस अवसर पर दिगंबर जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, अष्टद्रव्य समर्पण और मंत्रोच्चार के साथ निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। फाल्गुन बदी चौथ (तिथि) के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने भजनों और जयकारों के साथ महाआरती की। आरके कॉलोनी […]
जैन धर्म के छठे तीर्थंकर भगवान पद्म प्रभु का मोक्ष कल्याणक दिवस अत्यंत भक्तिभाव से मनाया गया। इस अवसर पर दिगंबर जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, अष्टद्रव्य समर्पण और मंत्रोच्चार के साथ निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। फाल्गुन बदी चौथ (तिथि) के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने भजनों और जयकारों के साथ महाआरती की। आरके कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में सुबह अभिषेक, शांतिधारा और 'फाल्गुन बदी सुचेत को, मोक्ष गए भगवान...' के उच्चारण के साथ पूजा की गई। भगवान को निर्वाण लाडू समर्पित कर मोक्ष कल्याणक मनाया गया। सुबह पद्मप्रभु भगवान की प्रतिमा के अभिषेक के बाद विकास पाटनी ने पद्मप्रभु भगवान की प्रतिमा पर शांतिधारा की। पदम गदिया ने मूल नायक पर शांतिधारा की, अजय टोंग्या, ललित अजमेरा समेत अन्य ने अन्य प्रतिमाओं पर शांतिधारा की। मिश्रीलाल अग्रवाल व महेन्द्र सेठी के संयोजन में पूजा के बाद निर्वाण लड्डू चढ़ाया गया। शाम को विशेष महाआरती व भजन कार्यक्रम हुए।
बापू नगर स्थित पदम प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में पदम प्रभु भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया। मूलनायक पदमप्रभु, शांतिनाथ, पार्श्वनाथ भगवान पर 108 रिद्धि मत्रों से महामस्ताकाभिषेक कर शांतिधारा की गई। बाद में पदम प्रभु भगवान के मोक्ष कल्याण का निर्वाण लाडू सामूहिक रूप से उत्साह पूर्वक चढ़ाया गया। पदम प्रभु भगवान पर शांतिधारा राजकिरण, अंशुल, वर्षा, विरा, विराज सिघंई परिवार ने की।