प्रदेश में 28 जनवरी से शुरू हो रही 16वीं विधानसभा के पांचवे सत्र को लेकर सरकारी महकमे अलर्ट मोड पर आ गए हैं। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने भी कमर कस ली है। अब शिक्षा विभाग के दफ्तरों में ‘9 से 6’ की कार्य संस्कृति सत्र समाप्ति तक बदल जाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने […]
प्रदेश में 28 जनवरी से शुरू हो रही 16वीं विधानसभा के पांचवे सत्र को लेकर सरकारी महकमे अलर्ट मोड पर आ गए हैं। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने भी कमर कस ली है। अब शिक्षा विभाग के दफ्तरों में '9 से 6' की कार्य संस्कृति सत्र समाप्ति तक बदल जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने प्रदेशभर के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि विधानसभा सत्र के दौरान विभाग के सभी कार्यालय सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक अनिवार्य रूप से खुले रहेंगे। यह आदेश निदेशालय स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक के सभी कार्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। आदेश की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सत्र के दौरान आने वाले राजपत्रित अवकाश के दिन भी दफ्तरों में ताले नहीं लटकेंगे, बल्कि नियमित रूप से कामकाज होगा।
निदेशक की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, यह व्यवस्था निम्न कार्यालयों में तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है। शिक्षा निदेशालय बीकानेर, सभी संभागीय संयुक्त निदेशक कार्यालय, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक/माध्यमिक, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी।
विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा प्रश्नों और अन्य सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए विभाग 'वॉर रूम' की तर्ज पर काम करेगा। सभी कार्यालयों में विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। कार्मिकों पर काम का बोझ न पड़े, इसके लिए सुबह 8 से रात 11 बजे तक 'क्लॉकवाइज' (शिफ्ट वार) ड्यूटियां लगाई जाएंगी। नियंत्रण कक्ष स्थापित होगा, जो पूरे जिले के दफ्तरों से समन्वय रखेगा।
विधानसभा सत्र के मद्देनजर सभी अधिकारियों को मुख्यालय पर रहने और समयबद्ध सूचना भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- रामेश्वर प्रसाद जीनगर, कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी मा. भीलवाड़ा