शिक्षा विभाग का आदेश: विद्यार्थी पत्र लिखकर अभिभावकों को करेंगे मतदान के प्रति जागरूक प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में शनिवार को ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष आयोजन केवल पारंपरिक पूजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें लोकतंत्र की मजबूती का रंग भी घुलेगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने आदेश […]
प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में शनिवार को 'मातृ-पितृ पूजन दिवस' हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष आयोजन केवल पारंपरिक पूजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें लोकतंत्र की मजबूती का रंग भी घुलेगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने आदेश जारी कर राज्य के सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को 'पातीमाँ और पिता के नाम' लिखने के निर्देश दिए हैं।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से जारी आदेश के अनुसार, इस गतिविधि के तहत छात्र अपने माता-पिता और अभिभावकों को पत्र (पाती) लिखेंगे। इस पत्र के माध्यम से वे उन्हें संवैधानिक वोट देने के अधिकार का नैतिक उपयोग करने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही, निर्वाचन आयोग की ओर से उपलब्ध करवाई गई डिजिटल सुविधाओं के बारे में जागरूक करेंगे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि बच्चे जब खुद अपने हाथों से पत्र लिखकर माता-पिता से वोट डालने का आग्रह करेंगे, तो इसका गहरा भावनात्मक असर होगा। इसके साथ ही, बच्चों को चुनाव आयोग की आधुनिक तकनीक और ऐप्स की जानकारी देकर उन्हें भविष्य के जागरूक नागरिक के रूप में तैयार किया जा रहा है।
यह होंगे महत्वपूर्ण बिन्दू
सभी संस्था प्रधानों को निर्देश दिए कि वे अपने विद्यालयों में इस कार्यक्रम का सफल आयोजन सुनिश्चित करें। ताकि छात्र अपने माता-पिता को पत्र लिख सकें।
- रामेश्वर प्रसाद जीनगर, डीईओ, भीलवाड़ा