- भीलवाड़ा में फिलहाल एक्यूआई सुरक्षित श्रेणी में लौटा - प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
दीपावली, छोटी दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा के बाद अब शहरवासियों ने थीड़ी राहत की सांस ली है। हाल हुई बारिश और बदली हवाओं ने भीलवाड़ा की हवा को प्रदूषण से काफी हद तक मुक्त कर दिया है। लेकिन अब भी हवा में सुधार की जरूरत है। जहां कुछ दिन पहले तक वायु गुणवत्ता सूचकांक चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया था, वहीं अब यह सुरक्षित श्रेणी में लौट आया है।
बारिश और हवाओं से घुले प्रदूषण कण
पर्यावरण विभाग के अनुसार हाल हुई वर्षा ने वातावरण में नमी बढ़ाई। इससे धूल कण और प्रदूषण तत्व नीचे बैठ गए। साथ ही, हवाओं की दिशा और गति में आए बदलाव ने भी वायु प्रदूषण घटाने में अहम भूमिका निभाई। लेकिन बुधवार को धूप खिलने व सड़कों पर जमी मिट्टी फिर से उड़ने लगी है। इससे एक्यूआई के स्तर पर थोड़ा फिर परिर्वतन आने लगा है।
20 अक्टूबर से पहले शहर का एक्यूआई स्तर खराब श्रेणी में था। कुछ दिनों तक यह 100 से अधिक बना रहा, लेकिन दीपावली के बाद हुई वर्षा के चलते एक्यूआई में तेज गिरावट आई। नवंबर माह के शुरुआती पांच दिनों में दो दिन एक्यूआई 66 और 42 रहा, जबकि तीन दिन 126 से अधिक दर्ज किया गया।
सावधानी जरूरी है
प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक धनेटवाल ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से वाहन न चलाएं, खुले में कचरा न जलाएं और पौधारोपण को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि यदि नागरिक सहयोग करेंगे तो भीलवाड़ा उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो सकता है जहां हवा सांस लेने योग्य बनी रहे। धनेटवाल ने बताया कि एक्यूआई मापक यंत्र हर तीन-चार घंटे में स्वत: रिफ्रेश होता है, जिससे कभी-कभी मानक में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और स्वचालित है।
ठंड बढ़ने पर फिर बढ़ सकता है प्रदूषण
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है। जैसे-जैसे तापमान में गिरावट और सर्दी बढ़ेगी, हवा में नमी कम होने के कारण प्रदूषण स्तर फिर से बढ़ सकता है। ऐसे में नागरिकों को पहले से सतर्क रहना चाहिए।
पिछले दिनों का एक्यूआई