भीलवाड़ा

भक्ति के रंग में रंगा आरसी व्यास, सिर पर मंगल कलश और जुबां पर ‘राधे-राधे’

पारीक भवन में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ भीलवाड़ा के आरसी व्यास स्थित पारीक भवन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के महासागर में डूब गया। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा महोत्सव का आगाज सुबह 10:15 बजे पथिक नगर स्थित नंदेश्वर महादेव मंदिर से हुआ। यहां से गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों […]

less than 1 minute read
Feb 07, 2026
RC Vyas was drenched in devotion, with a Mangal Kalash on his head and 'Radhe-Radhe' on his lips.

पारीक भवन में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ

भीलवाड़ा के आरसी व्यास स्थित पारीक भवन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के महासागर में डूब गया। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा महोत्सव का आगाज सुबह 10:15 बजे पथिक नगर स्थित नंदेश्वर महादेव मंदिर से हुआ। यहां से गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि के बीच कलश यात्रा शुरू हुई। वातावरण में गूंजते "राधे-राधे" के जयघोष ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

भागवत भगवान का शाब्दिक विग्रह है

कथा के प्रथम दिन व्यासपीठ की पूजा-अर्चना के बाद कथा व्यास डॉ. विजय कृष्ण पारीक ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने श्रीमद् भागवत महापुराण के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत भगवान का शाब्दिक विग्रह है, यह स्वयं भगवान की शब्दमय मूर्ति है।

13 तक नित्य आयोजन

कलश यात्रा और कथा के अवसर पर भीलवाड़ा पारीक परिषद के अध्यक्ष भेरुलाल जोशी, पूर्व विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी, पूर्व अध्यक्ष कालूराम पारीक, डॉ. कैलाश पारीक, योगेश पारीक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्याम सुंदर पारीक, शिवेंद्र पारीक, बाल गोविंद व्यास, दुर्गा शंकर जोशी, राधेश्याम पारीक, महेंद्र पारीक, सुरेन्द्र पारीक, महिला अध्यक्ष सरोज पारीक उपस्थित रहे। सुजान देवी पांडिया (पारीक) ने बताया कि कथा 13 फरवरी तक चलेगी।

Published on:
07 Feb 2026 08:56 pm
Also Read
View All

अगली खबर