पारीक भवन में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ भीलवाड़ा के आरसी व्यास स्थित पारीक भवन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के महासागर में डूब गया। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा महोत्सव का आगाज सुबह 10:15 बजे पथिक नगर स्थित नंदेश्वर महादेव मंदिर से हुआ। यहां से गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों […]
भीलवाड़ा के आरसी व्यास स्थित पारीक भवन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के महासागर में डूब गया। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा महोत्सव का आगाज सुबह 10:15 बजे पथिक नगर स्थित नंदेश्वर महादेव मंदिर से हुआ। यहां से गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि के बीच कलश यात्रा शुरू हुई। वातावरण में गूंजते "राधे-राधे" के जयघोष ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथा के प्रथम दिन व्यासपीठ की पूजा-अर्चना के बाद कथा व्यास डॉ. विजय कृष्ण पारीक ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने श्रीमद् भागवत महापुराण के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत भगवान का शाब्दिक विग्रह है, यह स्वयं भगवान की शब्दमय मूर्ति है।
कलश यात्रा और कथा के अवसर पर भीलवाड़ा पारीक परिषद के अध्यक्ष भेरुलाल जोशी, पूर्व विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी, पूर्व अध्यक्ष कालूराम पारीक, डॉ. कैलाश पारीक, योगेश पारीक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्याम सुंदर पारीक, शिवेंद्र पारीक, बाल गोविंद व्यास, दुर्गा शंकर जोशी, राधेश्याम पारीक, महेंद्र पारीक, सुरेन्द्र पारीक, महिला अध्यक्ष सरोज पारीक उपस्थित रहे। सुजान देवी पांडिया (पारीक) ने बताया कि कथा 13 फरवरी तक चलेगी।