सांसद और कलक्टर के प्रयासों से 20 प्रतिशत एलपीजी आपूर्ति का आश्वासन
भीलवाड़ा शहर के टेक्सटाइल प्रोसेसिंग और अन्य उद्योगों को एलपीजी के संकट से फौरी राहत मिलने की उम्मीद जागी है। उद्योगों की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन और सांसद के स्तर पर किए गए प्रयासों के बाद, संबंधित औद्योगिक इकाइयों को कम से कम 20 प्रतिशत एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया है। इस मामले को राजस्थान पत्रिका ने शनिवार के अंक में अंतरराष्ट्रीय हालात का असर: 1.25 लाख लोगों की रोजी-रोटी पर संकट, वस्त्रनगरी पर गैस संकट की मार थमने लगी कपड़ों की फिनिशिंग शीर्षक से समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसे जिला कलक्टर व सांसद ने गंभीरता से लिया है। मेवाड़ चैम्बर ऑफ इंडस्ट्री के महासचिव आरके. जैन ने प्रोसेसिंग उद्योगों को इस संबंध में अवगत कराया है कि पिछले कुछ समय से उद्योगों की ओर से एलपीजी की सुचारू आपूर्ति को लेकर ज्ञापन और प्रतिवेदन मिल रहे थे। गैस की कमी के कारण उद्योगों के उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा था।
उद्योगों की गंभीर समस्या को लेकर जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू और सांसद दामोदर अग्रवाल के समक्ष पुरजोर तरीके से यह मुद्दा उठाया गया। इन सघन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और प्रशासन की ओर से यह पक्का आश्वासन दिया गया है कि प्रभावित इकाइयों को कम से कम 20 फीसदी एलपीजी सप्लाई हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी। गौरतलब है कि कपड़ा प्रोसेस इकाइयों में काम आने वाली गैस नहीं मिलने से उद्योग चलाने तक का संकट खड़ा हो गया था। स्थिति यहा तक पहुंच चुकी थी कि प्रोसेस हाउस गैस के अभाव में कभी भी बंद हो सकते थे।