देश में मैनचेस्टर की पहचान रखने वाले भीलवाड़ा ने बीते तीन दशकों में औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखी है, लेकिन अब इस विकास को सुरक्षा के नए पहरे की सख्त जरूरत है। मंडपिया और हमीरगढ़ रोड पर हुए हजारों करोड़ के निवेश को असामाजिक तत्वों की नजर से बचाने के लिए अब एक विशेष […]
देश में मैनचेस्टर की पहचान रखने वाले भीलवाड़ा ने बीते तीन दशकों में औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखी है, लेकिन अब इस विकास को सुरक्षा के नए पहरे की सख्त जरूरत है। मंडपिया और हमीरगढ़ रोड पर हुए हजारों करोड़ के निवेश को असामाजिक तत्वों की नजर से बचाने के लिए अब एक विशेष औद्योगिक पुलिस थाना स्थापित करने की मांग उठी है। मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजकर आने वाले बजट में इस सुरक्षा कवच की घोषणा करने की मांग की है।
उद्यमियों का तर्क है कि हमीरगढ़ रोड पर स्थित औद्योगिक इकाइयां फिलहाल सुरक्षा के लिहाज से दो पाटों के बीच फंसी हुई हैं। यहां विशेष थाने की स्थापना न केवल भीलवाड़ा, बल्कि चित्तौड़गढ़ जिले की सीमा से सटी इकाइयों के लिए भी संजीवनी साबित होगी।
हमीरगढ़ रोड का औद्योगिक क्षेत्र मंगरोप और हमीरगढ़ पुलिस थानों के बीच बंटा हुआ है। मंडपिया और स्वरूपगंज चौकियों का क्षेत्राधिकार अलग होने से पुलिस समन्वय में बड़ी चुनौती आती है। वारदात होने पर अकसर सीमा विवाद के चलते पुलिस की कार्रवाई में देरी होती है। इसका सीधा फायदा अपराधी उठाकर फरार हो जाते हैं।
कभी औद्योगिक शांति के लिए पहचाने जाने वाले भीलवाड़ा में अब माहौल बदल रहा है। गुवारड़ी, रीको ग्रोथ सेंटर, सोनियाणा और हमीरगढ़ रोड क्षेत्र में श्रमिकों व अधिकारियों के साथ मारपीट, अवैध वसूली (रंगदारी), फैक्ट्रियों में जबरन घुसपैठ और तोड़फोड़ की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।
प्रदेश के आगामी बजट से भीलवाड़ा के उद्यमियों को बड़ी उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री औद्योगिक क्लस्टर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विशेष सुरक्षा बल या नए थाने की घोषणा कर सकते हैं। यदि यह मांग पूरी होती है, तो भीलवाड़ा के टेक्सटाइल उद्योग को एक नई उड़ान मिलेगी।
बीते कुछ समय से जिस तरह की घटनाएं सामने आई हैं, उससे उद्यमियों में चिंता है। पुलिस थानों के बिखराव का समाधान एक ही छत के नीचे होना चाहिए। मंडपिया में औद्योगिक थाना खुलने से न केवल अपराध रुकेगा, बल्कि व्यापारिक माहौल को भी मजबूती मिलेगी।
- आरके जैन, महासचिव, मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स