बाल वाहिनी नियमों को लेकर शिक्षा विभाग सख्त, सभी निजी स्कूल आएंगे दायरे में
निजी स्कूलों की बाल वाहिनियों स्कूल बस या वैन को लेकर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। अब प्रत्येक निजी स्कूल संचालक को यह शपथ-पत्र देना अनिवार्य होगा कि परिवहन संबंधी सभी नियमों की पालना की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर स्कूल की मान्यता खत्म कर दी जाएगी।
शिक्षा निदेशक ने दिए निर्देश
शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने संभागीय संयुक्त निदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भेजे हैं। इनमें कहा गया है कि बाल वाहिनी में कितनी सीटें हैं और उनमें कितने विद्यार्थी बैठाए जा रहे हैं, इसकी जांच की जाए। प्रत्येक वाहन के सभी कागजात फिटनेस, बीमा, परमिट, ड्राइवर लाइसेंस आदि पूरे होने चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित स्कूल के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
शपथ-पत्र देना अनिवार्य
निजी स्कूलों के संचालकों से शपथ-पत्र लिया जाएगा, जिसमें यह उल्लेख करना होगा कि स्कूल से जुड़े सभी वाहन नियमों के अनुरूप चल रहे हैं। निर्धारित सीट से अधिक बच्चों को नहीं बैठाया जा रहा। सुरक्षा मानकों की पूरी पालना हो रही है। किसी दुर्घटना या घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय रहेगी।
मान्यता पर गिरेगी गाज
जाट ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी स्कूल की ओर से परिवहन नियमों की पालना नहीं की जाती या शपथ-पत्र जमा नहीं कराया गया, तो उनकी मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। जाट का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला है। बार-बार हो रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना है। परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित करना है।