– दोहरा मापदंड: जहाजपुर में कार्रवाई का शोर, बड़लियास थाने के पास से गुजर रहे अवैध बजरी के डंपर भीलवाड़ा जिले में बनास व बेड़च नदी से बजरी खनन पर पूर्ण पाबंदी के दावों की हवा निकल रही है। एक तरफ जहाजपुर में बड़ी कार्रवाई कर पुलिस वाह-वाही बटोर रही, वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय […]
- दोहरा मापदंड: जहाजपुर में कार्रवाई का शोर, बड़लियास थाने के पास से गुजर रहे अवैध बजरी के डंपर
भीलवाड़ा जिले में बनास व बेड़च नदी से बजरी खनन पर पूर्ण पाबंदी के दावों की हवा निकल रही है। एक तरफ जहाजपुर में बड़ी कार्रवाई कर पुलिस वाह-वाही बटोर रही, वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय की नाक के नीचे बड़लियास थाने के पास से बुधवार रातभर अवैध बजरी से भरे ओवरलोड डंपर व ट्रैक्टर ट्रॉली बेखौफ गुजरते रहे। हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने रोका तक नहीं। जबकि एमबीसी के जवान भी तैनात थे। जिले में बनास की एक भी लीज वैध नहीं होने के बावजूद अंधेरे में बजरी का 'कालाखेल' जारी है।
बड़लियास क्षेत्र में खनिज विभाग और पुलिस की मिलीभगत से माफिया ने अपना रास्ता बना लिया। सूत्रों के मुताबिक रात को डंपरों की लंबी कतारें थाने के सामने से निकलीं। पुलिस महकमा महज एक-दो ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ इतिश्री कर रहा जबकि बड़े मगरमच्छ डंपर माफिया बच निकल रहे। पूरा बेल्ट खनिज विभाग के अधीन आता है, लेकिन अधिकारी कार्यालयों से बाहर निकलने को तैयार नहीं हैं।
पारसोली के पास बड़ाखेड़ा गांव में अवैध बजरी का भारी स्टॉक जमा है। पिछले दिनों खनिज विभाग ने दिखावे की कार्रवाई करते हुए कुछ स्टॉक जब्त किया था, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि जब्त बजरी अब मौके से गायब है। माफिया अब इन्हीं स्थानों से बजरी भरकर चित्तौड़गढ़ के रास्ते मध्य प्रदेश तक सप्लाई कर रहे हैं।
विभागीय मिलीभगत का आलम यह है कि जिले में जो चार बजरी लीज कागजों में संचालित बताई जा रही, उनके 'रवन्ना' (ट्रांसपोर्ट परमिट) का दुरुपयोग हो रहा है। माफिया इन लीज के कागजात दिखाकर बनास नदी से अवैध बजरी भर रहे हैं और उसे खुलेआम सप्लाई कर रहे हैं।
जिले में बनास नदी में एक भी लीज वैध नहीं है, तो सड़कों पर डंपरों व ट्रेक्टरों का सैलाब कहां से आ रहा है। शासन को रात के अंधेरे में हेडलाइट्स की रोशनी दिखाई नहीं दे रही। आकोला क्षेत्र की लीज बंद होने के बाद भी कुछ लोग रॉयल्टी राशि की वसूली कर रहे हैं। हालांकि इसकी कोई रसीद नहीं दे रहे क्योंकि ई-रवन्ना मंगलवार रात से बंद हो गए। ऐसे में अवैध खनन के साथ रॉयल्टी की भी अवैध वसूली की जा रही है।
खनिज विभाग के अधीक्षण खनिज अभियंता ओपी काबरा का कहना है कि जिले में अवैध खनन के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। अगर कहीं मिलीभगत या अवैध स्टॉक की सूचना है, तो टीम भेजकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जब्त स्टॉक के गायब होने के मामले की भी जांच होगी।