अभिषेक, रिद्धी मंत्र व शांतिधारा के लिए रही होड़
कल्पद्रुम बड़े मंदिर ने अपना 9 वां स्थापना धूमधाम के साथ मनाया। भगवान चतुर्मुखी पारस, सीमधंर एवं बाहुबली पर अभिषेक के लिए युवाओं छोटे-छोटे बच्चों में लंबी कतारों के बाद भी उत्सुकता देखी गई। कल्पवृक्ष के नीचे विराजित जिनेंद्र देव प्रतिमाओं को युवा और बुजुर्गों ने जब अभिषेक के लिए गंध कुटी पर विराजमान किया जा रहा था तो मंदिर तालियाें ओर जयकारों से गूंज उठा। ऐसा लग रहा था जैसे साक्षात इंद्र की ओर से सारी क्रियाए की जा रही हो। पाठ के साथ अभिषेक की क्रिया प्रारंभ हुई। सभी भक्तों ने अभिषेक किए। प्रथम तल पर वेदियों में विराजित सीमांधर बाहुबली एवं अष्टधातु के पारसनाथ पर अभिषेक किए।
मंदिर के मैनेजिंग ट्रस्टी लोकेश अजमेरा ने बताया कि बाहुबली पर अभिषेक चांदमल, हेमंत वेद, सीमंधर भगवान पर अभिषेक अशोक लुहाड़िया एवं पार्श्वनाथ भगवान पर अभिषेक मदनलाल गदिया, निर्मल लुहाड़िया, निहाल अजमेरा ने किया। चतुर्मुखी पार्श्वनाथ व अन्य प्रतिमाओं पर रिद्धि मंत्रों से अभिषेक व शांतिधारा पदम कुमार, जयकुमार, कमल कुमार, अंकित गदिया एवं राजेश लुहाड़िया ने किया। इनके अलावा अष्टधातु की प्रतिमा पर शांतिधारा पवन सेठिया, राज कुमार चंदोंरिया, पवन कोठारी, प्रेमचंद बड़जात्या, निर्मल, पवन, लोकेश लुहाड़िया ने की। पार्श्वनाथ विधान हुआ। विधान में श्रावक श्राविकाओं ने अर्घ चढ़ाए । भक्ति गीत-संगीत के साथ विधान हुआ। विधान संजय कासलीवाल ने करवाया।