कांग्रेस सरकार ने 2023 में छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाई थी
प्रदेश में छात्र राजनीति को पुनर्जीवित करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। छात्रसंघ अध्यक्ष सिद्धार्थ पाराशर ने छात्रसंघ चुनाव शीघ्र कराने की मांग करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 2023 में छात्र राजनीति को दबाने के उद्देश्य से छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाई थी, जिसे अब भाजपा सरकार भी जारी रखे हुए है।
राजनीति में गरीब तबके की भागीदारी रोकी जा रही
पाराशर ने कहा कि छात्र राजनीति से ही कई युवा नेता उभरकर आए, जिन्होंने शासन की दमनकारी नीतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई। लेकिन सरकार को डर है कि अगर छात्रसंघ चुनाव कराए गए तो आम छात्रों को राजनीति में जगह मिल जाएगी और वंशवाद आधारित राजनीति को चुनौती मिल सकती है। सरकार जानबूझकर चुनाव टाल रही है। इससे दिग्गज नेताओं के परिजन राजनीति में अपनी जगह सुरक्षित रख सकें।
पाराशर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार इस सत्र में भी छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित नहीं करती है तो भीलवाड़ा की समस्त छात्र शक्ति एकजुट होकर आंदोलन करेगी।